होशियारपुर- ईमानदारी और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की बात करने वाले और काम भ्रष्ट और असंवैधानिक है। मनरेगा मेट्स के साथ हो रही ज्यादतियों और मनरेगा अधिकारियों द्वारा फैलाए जा रहे भ्रष्टाचार और सरकार की मिलीभगत से दफ्तरों में बैठकर खुलेआम अनुपस्थित रहने के विरोध में मनरेगा मजदूर आंदोलन और मजदूर पार्टी ने लघु सचिवालय के बाहर धरना दिया और बाद में अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर श्री राहुल चाबा को मांग पत्र सौंपा। 
उन्होंने कहा कि उन्होंने 14 जुलाई 2024 को माननीय मुख्य सचिव पंजाब को पत्र लिखकर ब्लॉक विकास एवं पंचायत अधिकारी ब्लॉक-1 द्वारा सरकारी आदेशों की पालना न करने, मेट्स को परेशान करने और भ्रष्टाचार के मामलों की जांच बंद करने को लेकर उन्होंने माननीय डिप्टी कमिश्नर को जांच की मांग के लिए लिखा था। लेकिन बीडीपीओ के खिलाफ जांच का काम बीच में ही अटका हुआ है। सरकार सरकारी आदेशों की धज्जियां उड़ाने वाले अधिकारियों को भ्रष्टाचार व ज्यादती करने का मौका देकर उनका हौसला बढ़ा रही है। 
धीमान ने कहा कि बीडीपीओ ब्लॉक-1 अपने से वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों को लागू नहीं करता। इनके पीछे दरअसल सरकारी तंत्र का आशीर्वाद है। माननीय अतिरिक्त उपायुक्त (विकास) के आदेशों की अवहेलना की गई है। जो पूरी तरह से असंवैधानिक है और लोकपाल मनरेगा एक संवैधानिक पद है और उनके आदेशों की भी कोई परवाह नहीं की जा रही है। अपने 30 साल के कार्यकाल में उन्होंने पहली बार ऐसी अनुशासनहीनता देखी है। यहां तक कि आला अधिकारी भी लाचारी दिखा रहे हैं। यह सब असंवैधानिक रूप से चल रहा है और सरकार खुद असंवैधानिक कार्यों को बढ़ावा दे रही है। 
धीमान ने कहा कि हमारा संविधान हमें इस बात की इजाजत नहीं देता कि हम एक व्यक्ति के अधिकार व काम को छीनकर दूसरे को काम दें। ग्राम पंचायतों में भाई-भतीजावाद खत्म होना चाहिए। धीमान ने कहा कि माननीय अतिरिक्त उपायुक्त को कंडी नहर पर इलाहाबाद के मनरेगा मजदूरों की अवैध मौजूदगी (जियो टैग) तथा जिला परिषद, बीडीपीओ ब्लॉक-2 के कार्यालय के नजदीक काम करने के बारे में सभी सबूत दिखाए जाएं तथा कहा कि भ्रष्टाचार व भ्रष्टाचार का यह धंधा खुलेआम चल रहा है। बीडीपीओ ब्लॉक-2 कार्यालय में इस तरह का भ्रष्टाचार करके मौज-मस्ती करने वाले अधिकारियों को सरकार का पूरा समर्थन मिल रहा है। यह सब होशियारपुर विधानसभा क्षेत्र में हो रहा है।
 धीमान ने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की बात कर रहे हैं तथा उनके अपने सरकारी कार्यालयों में ही मनरेगा कार्यों में खुलेआम भ्रष्टाचार हो रहा है। जो भ्रष्ट अधिकारी स्वयं भ्रष्ट हैं, वे दूसरों को भी भ्रष्टाचार का मौका दे रहे हैं। इससे ईमानदार कर्मचारियों पर भी बुरा प्रभाव पड़ रहा है। उनके मन में एक ही बात है कि सरकार उनकी है तथा हम सरकार के लोग हैं तथा हमारा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। जब बटाईदारी प्रणाली लागू है, तो न्याय व पारदर्शिता अंधेरे में तीर चलाने के समान है। 
भ्रष्टाचार ने पंचायती राज संस्थाओं व मनरेगा के कार्यों को बुरी तरह प्रभावित किया है। इसीलिए मनरेगा की बेहतरीन योजनाएं बुरी तरह फ्लॉप हो रही हैं। भ्रष्टाचार के कारण मनरेगा जैसी योजनाएं भी बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। मनरेगा में चहेतों को काम देने को प्राथमिकता दी जाने लगी है। धीमान ने कहा कि अगर बंद के जरिए मनरेगा मेट के साथ भेदभाव किया गया तो आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बीडीपीओ ब्लॉक-1 का तुरंत तबादला किया जाए। इस अवसर पर ब्लॉक-1 अध्यक्ष गुरबख्श कौर, पूनम जसरोटिया, गुरबचन सिंह, राकेश बाला, कुलविंदर कौर, सरोज बाला, चरणजीत कौर, रजनी बाला, बलजीत कौर, रेशम कौर, धर्म देवी, मनजीत लाल, सुदेश कुमारी आदि मौजूद थे।