ऊना, 12 अप्रैल (नवीन महे): भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर ऊना के पुराने मिनी सचिवालय स्थित कोर्ट परिसर में उनकी भव्य प्रतिमा स्थापित की गई। इस ऐतिहासिक अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में सैकड़ों लोगों ने भाग लेकर बाबा साहेब को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
प्रतिमा स्थापना समारोह के दौरान विधिवत अनावरण किया गया। इस मौके पर उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने पुष्प अर्पित कर बाबा साहेब को नमन किया।
महर्षि वाल्मीकि गुरु रविदास यूथ एकता महासभा के प्रदेश अध्यक्ष अमित वाल्मीकि ने अपने संबोधन में कहा कि न्यायालय परिसर में बाबा साहेब की प्रतिमा स्थापित होना उनके द्वारा दिए गए संविधान और न्याय के सिद्धांतों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने कहा कि डॉ. अंबेडकर का जीवन संघर्ष, समानता और अधिकारों की लड़ाई का प्रतीक रहा है।
इस अवसर पर महासभा के नेतृत्व में बसदेहड़ा से ऊना तक भव्य फतेह मार्च भी निकाला गया। मार्च में युवा, महिलाएं और बुजुर्ग बड़ी संख्या में शामिल हुए। हाथों में नीले झंडे और बाबा साहेब के चित्र लेकर चल रहे अनुयायियों ने “जय भीम” और “संविधान जिंदाबाद” के नारों से वातावरण को गुंजायमान कर दिया।
इसके अलावा ऊना शहर में भव्य शोभायात्रा भी निकाली गई, जिसमें विभिन्न झांकियों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से बाबा साहेब के जीवन और उनके विचारों को दर्शाया गया। कार्यक्रम में अंबेडकर अनुयायियों की भारी भागीदारी देखने को मिली।
आयोजकों ने बताया कि ऊना कोर्ट परिसर में स्थापित यह प्रतिमा समाज के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी और आने वाली पीढ़ियों को समानता, न्याय और भाईचारे के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करेगी। उन्होंने इस सफल आयोजन के लिए सभी प्रतिभागियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर मुख्य सलाहकार चंचल सिंह, जिला अध्यक्ष इशांत धुग्गा, यूथ अध्यक्ष शुभम भट्टी, महासभा बंगाना अध्यक्ष नवदीप महें, हरि चंद, ऋषभ भट्टी, साहिल, लाड़ी, राहुल बग्गा, अनीश, शाम मल्ही, रमन नाहर, आकाश, जतिन विशाल और रवि हंस सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।