हिसार : श्री सुरभि गौ महायज्ञ, सवा करोड़ श्री सुरभि मंत्र जाप अनुष्ठान और श्रीमद गौ भागवत कथा में विभिन्न क्षेत्रों से काफी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। सरस्वती कॉलेज के प्रांगण में चल रहे आठ दिवसीय गौ शक्ति जागरण अनुष्ठान के अंतर्गत दूसरे दिन प्रात: विधि-विधान से 108 कुंडीय दशांश महायज्ञ में मातृभूमि सेवा संघ की राष्ट्रीय अध्यक्ष कथा वाचिका विदुषी बेला पारीक दीदी व वैदिक विद्वानों ने यजमानों को पूरी निष्ठा से हवन करवाया। हवन में आहुति डालते समय सुख, शांति व जनकल्याण की कामना की गई। यज्ञ में सरस्वती कॉलेज ऑफ एजुकेशन के डायरेक्टर व गौ शक्ति जागरण अनुष्ठान संचालन समिति के व्यवस्था प्रमुख विकास ढल ने परिवार सहित हिस्सा लिया। इस दौरान दयानंद बेनीवाल, सुरेंद्र लाहौरिया, जगदीश बंसल, पतंजलि परिवार से ईश आर्य, डॉ. मुकेश कुमार, अश्विनी शर्मा व पृथ्वी सिंह झाझडिय़ा सहित काफी संख्या में प्रबद्ध लोगों ने हवन में शिरकत की।
सरस्वती कॉलेज में चल रही श्रीमद गौ भागवत कथा के दूसरे दिन सरस्वती कॉलेज ऑफ एजुकेशन के चेयरमैन विजय ढल, कमलेश ढल, देशराज मनचंदा, गौ सेवा गतिविधि जिला संयोजक रणधीर झाझडिय़ा व पूर्व सरपंच चद्रभान ने दीप प्रज्ज्वलित किया। इस अवसर पर पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. कमल गुप्ता मुख्यातिथि के रूप में मौजूद रहे। कथा वाचिका विदुषी बेला पारीक ने मुख्यातिथि डॉ. कमल गुप्ता, सरस्वती कॉलेज ऑफ एजुकेशन की प्रिंसिपल डॉ. सोनिया रानी, भीमसेन असीजा, मातृभूमि सेवा संघ के भिवानी से प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य मनीष सैनी, रमेश, योगेश व सरदार अंकुर सिंह को पटका पहनाकर सम्मानित किया। इस अवसर पर नीरज कुमार गुप्ता ने कुशल मंच संचालन से आध्यात्मिक माहौल बना दिया।
गौकथा के दौरान कथा वाचिका विदुषी बेला पारीक ने गौकथा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बार-बार गौकथा सुनने से विचार निर्मल होते हैं और मन शुद्ध होता है। इसके साथ ही इंसान को सदमार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि सत्य का मार्ग कभी नहीं छोड़ना चाहिए और धार्मिक कथाओं और ऋषि-मुनियों की गाथाओं को सुनकर उन्हें जीवन में उतारना चाहिए। इन कथाओं को सुनने से सही धर्म व सही कर्म को समझने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि इंसान को अपने नियमित कार्य करते हुए भी भगवान की भक्ति करनी चाहिए। भक्ति करते हुए भगवान के स्वरूप का ज्ञान होता है और इंसान सही मार्ग की तरफ अग्रसर होता जाता है।
आठ दिवसीय गौ शक्ति जागरण अनुष्ठान के तहत 26 मार्च को श्रीमद गौ भागवत कथा में श्रीकृष्ण प्राकट्य महोत्सव की झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगी। 27 मार्च को क्षीर सिंधु की उत्पत्ति, कृष्ण बाल लीलाएं, गोवर्धन पूजन एवं गोमय महत्व पर प्रकाश डाला जाएगा। 28 मार्च को श्रीकृष्ण द्वारकाधीश चरित्र (रुक्मणि मंगल) पर आधारित प्रवचन रहेंगे और 29 मार्च को सुदामा चरित्र, गौसेवा, गौपूजा, गौदान व गौ नवरात्र का महत्व समझाया जाएगा। 30 मार्च को प्रात: 9 बजे पूर्णाहुति गौ महायज्ञ के उपरांत भंडारा शुरू किया जाएगा।
श्री सुरभि गौ महायज्ञ सवा करोड़ श्री सुरभि मंत्र जाप अनुष्ठान और श्रीमद गौ भागवत कथा जारी
