होशियारपुर:- पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय, पंजाब राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग तथा डिप्टी कमिश्नर होशियारपुर के निर्देशों पर 16 एवं 17 जुलाई को जिले में सेफ स्कूल वाहन नीति के तहत स्कूल बसों की विशेष जांच की गई।
जांच अभियान के दौरान ऑक्सफोर्ड इंटरनेशनल स्कूल, अत्तोवाल, ब्लीस पब्लिक स्कूल, नवयुग मॉडल स्कूल, अत्तोवाल तथा दिल्ली इंटरनेशनल स्कूल, चब्बेवाल की स्कूल बसों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान पूरे जिले में कुल 29 स्कूल बसों की जांच की गई, जिनमें नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर 10 बसों के चालान किए गए।
निरीक्षण के दौरान कई बसों में समय-सीमा समाप्त फर्स्ट एड किट, महिला अटेंडेंट का अभाव, वैध पासिंग न होना, स्पीड गवर्नर का अभाव, इमरजेंसी एग्जिट की कमी, अग्निशमन यंत्र उपलब्ध न होना, सीसीटीवी कैमरा न होना, निर्धारित क्षमता से अधिक सवारियां तथा वैध बीमा का अभाव जैसी कमियां पाई गईं।
इस अभियान में जिला बाल सुरक्षा इकाई, होशियारपुर की ओर से जिला बाल सुरक्षा अधिकारी डॉ. हरप्रीत कौर, सोशल वर्कर गुरजोत सिंह, सुपरवाइजर गुरप्रीत कौर, केस वर्कर जसविंदर सिंह, बाल भलाई कमेटी, होशियारपुर की चेयरपर्सन हरजीत कौर, सदस्य जगदीश मित्तर, आरटीओ कार्यालय से कुलदीप सिंह तथा पुलिस विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने संयुक्त रूप से भाग लिया।
इस अवसर पर विभिन्न स्कूलों में सेफ स्कूल वाहन नीति के संबंध में जागरूकता अभियान भी चलाया गया। जिला बाल सुरक्षा अधिकारी ने कहा कि नीति के निर्धारित मानकों का पालन न करने वाली स्कूल बसों में दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। इसलिए सभी स्कूल प्रबंधन को निर्देश दिए गए कि प्रत्येक बस निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करे।
टास्क फोर्स ने सभी स्कूलों को निर्देशित किया कि बस चालकों का समय-समय पर मेडिकल परीक्षण कराया जाए, चालक एवं अटेंडेंट निर्धारित यूनिफॉर्म पहनें, छोटे बच्चों को बस में चढ़ाने एवं उतारने के दौरान विशेष सावधानी बरती जाए तथा निरीक्षण के दौरान पाई गई सभी कमियों को तत्काल दूर किया जाए।