ऊना, 9 अक्तूबर:- विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के उपलक्ष्य में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, ऊना ने स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से बंगढ़ स्थित जिला जेल तथा समूर कलां स्थित ऑब्जर्वेशन होम-कम-प्लेस ऑफ सेफ्टी में विशेष मानसिक स्वास्थ्य शिविर एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य कैदियों एवं ऑब्जर्वेशन होम में रह रहे किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देना तथा उन्हें आवश्यक स्वास्थ्य एवं कानूनी सेवाओं के प्रति जागरूक करना था।

इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, ऊना की सचिव शिखा लखनपाल ने बंगढ़ स्थित जिला जेल का दौरा किया और वहां बंद कैदियों से संवाद किया। उन्होंने कैदियों के कल्याण, मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक संतुलन तथा कानूनी सेवाओं तक उनकी पहुंच से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। साथ ही, उन्हें मानसिक स्वास्थ्य के महत्व के प्रति जागरूक करते हुए अपने भावनात्मक स्वास्थ्य का ध्यान रखने के लिए प्रेरित किया।

इसके बाद सचिव शिखा लखनपाल ने समूर कलां स्थित ऑब्जर्वेशन होम-कम-प्लेस ऑफ सेफ्टी का भी दौरा किया तथा वहां रह रहे किशोरों से बातचीत की। इस दौरान उनके स्वास्थ्य, भावनात्मक आवश्यकताओं, कल्याण एवं समग्र विकास से संबंधित विषयों पर चर्चा की गई। किशोरों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करते हुए सकारात्मक सोच अपनाने तथा अपनी समस्याओं के समाधान के लिए उचित मार्गदर्शन एवं सहायता प्राप्त करने के महत्व से अवगत करवाया गया।

कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य विभाग, ऊना के चिकित्सा अधिकारी एवं मनोवैज्ञानिक ने समूर कलां स्थित ऑब्जर्वेशन होम में रह रहे किशोरों की स्वास्थ्य जांच की तथा उनकी मानसिक स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं का आकलन किया। वहीं, बंगढ़ स्थित जिला जेल में बंद कैदियों की स्वास्थ्य जांच एवं मानसिक स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं के आकलन के लिए 11 अक्तूबर को चिकित्सा अधिकारी एवं मनोवैज्ञानिक के दौरे का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आयोजित इन कार्यक्रमों का उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना, जरूरतमंद व्यक्तियों की भावनात्मक आवश्यकताओं को समझना तथा उन्हें आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं और कानूनी सहायता उपलब्ध करवाने में सहयोग करना है।