अमृतसर, 24 अक्टूबर (हरमिंदर सिंह नागपाल):- वर्ष 2025 की यूपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल कर उच्च प्रशासनिक सेवाओं के लिए चयनित हुए 11 सिख विद्यार्थियों को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) की ओर से आज एक-एक लाख रुपये की राशि देकर सम्मानित किया गया। सिख समुदाय की प्रतिनिधि धार्मिक संस्था शिरोमणि कमेटी की इस पहल का उद्देश्य प्रतिभाशाली सिख युवाओं का उत्साह बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें सिख सिद्धांतों पर चलते हुए कौम और देश की सेवा करने के लिए प्रेरित करना है। सम्मानित किए गए 11 विद्यार्थियों में सिमरनदीप कौर, रसनीत कौर, नवनीत कौर, मनप्रीत कौर, सरबराज सिंह, हरमनप्रीत सिंह सोढ़ी, जपलीन कौर, जसप्रीत कौर, कंवरपाल सिंह और संदीप सिंह शामिल हैं।

सम्मान समारोह के दौरान संबोधित करते हुए शिरोमणि कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने उच्च प्रशासनिक सेवाओं के लिए चयनित सिख विद्यार्थियों को बधाई दी और कहा कि यह उपलब्धि विद्यार्थियों की कड़ी मेहनत तथा उनके माता-पिता के सहयोग का परिणाम है। उन्होंने कहा कि सफल विद्यार्थियों के साथ उनके माता-पिता भी बधाई के पात्र हैं। एडवोकेट धामी ने कहा कि सिख संस्था की यह पहल जहां विद्यार्थियों की मेहनत, लगन और उपलब्धि का सम्मान है, वहीं सिख युवाओं की नई पीढ़ी को उच्च शिक्षा और प्रशासनिक क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित भी करती है।

उन्होंने कहा कि गुरमत के सेवा, सच्चाई, विनम्रता और लोक-कल्याण के सिद्धांतों से प्रेरणा लेकर प्रशासनिक सेवाओं में प्रवेश करने वाले इन विद्यार्थियों ने अपने माता-पिता और शिक्षकों का मान बढ़ाया है। उनकी उपलब्धि पूरे सिख समुदाय के लिए भी गर्व की बात है। उनकी सफलता अन्य विद्यार्थियों को भी बड़े लक्ष्य निर्धारित करने, दृढ़ संकल्प के साथ मेहनत करने और अपनी योग्यता को समाज की सेवा के लिए समर्पित करने का संदेश देती है।

शिरोमणि कमेटी अध्यक्ष ने कहा कि उच्च पदों पर पहुंचने वाले सिख युवाओं को सिख सिद्धांतों ‘किरत करो, नाम जपो और वंड छको’ के अनुसार ईमानदारी और निष्पक्षता से अपनी सेवाएं निभाने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने गुरु साहिब के चरणों में अरदास की कि ये युवा गुरमत से जुड़े रहें और देश तथा समाज के कल्याण के लिए अपनी जिम्मेदारी पूरी निष्ठा से निभाएं।

एडवोकेट धामी ने कहा कि शिरोमणि कमेटी सिख विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए चंडीगढ़ स्थित निशचै प्रशासनिक सेवा अकादमी के माध्यम से हर वर्ष 25 योग्य सिख विद्यार्थियों को निःशुल्क शिक्षा दी जा रही है। इस कार्य के लिए उच्च पदों पर रह चुके पूर्व आईएएस अधिकारियों की सेवाएं भी ली जा रही हैं। इसी प्रकार, बहादुरगढ़, पटियाला स्थित जत्थेदार गुरचरण सिंह टोहड़ा इंस्टीट्यूट में भी न्यायिक सेवाओं की तैयारी के लिए हर वर्ष 25 विद्यार्थियों को प्रशिक्षण देने की व्यवस्था है।

एडवोकेट धामी ने कहा कि इन प्रयासों का उद्देश्य आर्थिक कठिनाइयों के कारण पीछे रह जाने वाले प्रतिभाशाली सिख विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करना है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रारंभिक परीक्षा पास करने वाले विद्यार्थी अपनी जरूरत के अनुसार देश के किसी भी शहर में आगे की तैयारी कर सकते हैं, जिसके लिए शिरोमणि कमेटी सहयोग करेगी।

इस दौरान विद्यार्थियों और उनके माता-पिता ने शिरोमणि कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी का धन्यवाद करते हुए कहा कि सिख समुदाय की प्रतिनिधि संस्था की ओर से मिला यह सम्मान उनके लिए अनमोल है। यह सम्मान उनके बच्चों को गुरु की शिक्षाओं के अनुरूप सेवा करने के लिए हमेशा प्रेरित करेगा। उन्होंने कहा कि सिख संस्था की यह पहल अन्य विद्यार्थियों को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा देगी।

इससे पहले शिरोमणि कमेटी के सचिव बलविंदर सिंह काहलवां ने विद्यार्थियों और उनके माता-पिता को बधाई दी। शिरोमणि कमेटी की ओर से किए जा रहे कार्यों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अपनी स्थापना की भावना के अनुरूप सिख संस्था जहां गुरुद्वारा साहिबानों का प्रबंधन करती है, वहीं शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं और लोक-कल्याण के कार्यों में भी अग्रणी भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने के वास्ते भी शिरोमणि कमेटी बड़े स्तर पर प्रयास कर रही है।

इस अवसर पर शिरोमणि कमेटी की कार्यकारिणी समिति के सदस्य मंगविंदर सिंह खापड़खेड़ी, सदस्य सुरजीत सिंह भिट्टेवड़, बावा सिंह गुमानपुरा, अमरजीत सिंह बंडाला, ओएसडी सतबीर सिंह, सचिव बलविंदर सिंह काहलवां, अतिरिक्त सचिव भगवान सिंह धंगेड़ा, जसविंदर सिंह जस्सी, बिजय सिंह, उप सचिव हरभजन सिंह वक्ता, आजाद दीप सिंह, श्री दरबार साहिब के महाप्रबंधक मेजर सिंह, अधीक्षक निशान सिंह और मलकीत सिंह बहिड़वाल, प्रभारी बलदेव सिंह और करमवीर सिंह सहित विद्यार्थियों के परिवार के सदस्य भी उपस्थित थे।