संतोखगढ़/ऊना, 2 सितम्बर (राजवीर चोपड़ा):- आज के प्रतिस्पर्धात्मक और डिजिटल युग में बच्चों में चिंता और तनाव एक गंभीर विषय बनता जा रहा है। पढ़ाई का दबाव, स्क्रीन टाइम, सामाजिक तुलना और पारिवारिक अपेक्षाएं बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर डाल रही हैं। इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए एस. एस. आर. वी. एम. सीनियर सेकेंडरी स्कूल, नया नंगल के नौवीं, दसवीं, 11वीं तथा 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए एक सेमिनार का आयोजन किया गया।
जिसके मुख्य वक्ता श्रीमती निशा शर्मा (असिस्टेंट प्रोफेसर, एलपीयू) तथा सुमेर खुल्लर (करियर एंड गाइडेंस टीम, एलपीयू) थे। उन्होंने बताया कि तनाव के कारण बच्चों में थकान, गुस्सा और चिड़चिड़ापन बढ़ता जा रहा है। बच्चों में आत्मविश्वास की कमी होती जा रही है। उनका पढ़ाई में मन नहीं लगता और एकाग्रता की कमी होती जा रही है।
उन्होंने विद्यार्थियों को समझाते हुए कहा कि इस उम्र में हार्मोनल बदलाव, करियर की चिंता और अपनी पहचान बनाना तनाव के मुख्य कारण हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को कई गतिविधियों के द्वारा तनाव के बारे में बताया। उन्होंने विद्यार्थियों को समझाते हुए कहा कि सबसे पहले अपना टाइम टेबल बनाएं, दूसरों से अपनी तुलना करना बंद कर दें। घबराहट या तनाव होने पर अपने माता-पिता या अध्यापक से अवश्य बात करें।
इस अवसर पर स्कूल महाप्रबंधक श्री सुमेश शर्मा जी ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि हर बच्चा होनहार होता है, बस उसके हुनर को पहचानना और उसको सही दिशा देना तथा उसका मार्गदर्शन करना ही अध्यापक का काम है। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा का सही मतलब तो जिंदगी में आने वाली सभी समस्याओं का हल खुद से ही करना है। छोटी-छोटी समस्याओं के चलते समर्पण नहीं करना, बल्कि उनका हल ढूंढना है। बच्चों को हमेशा आत्मनिर्भर बनने की कोशिश करते रहना चाहिए तथा चिंता और तनाव से दूर रहना चाहिए।
उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य बच्चों को टॉपर बनाने के साथ-साथ उन्हें खुश तथा मजबूत इंसान बनाना भी है। अगर बच्चा मानसिक रूप से मजबूत बन गया तो वह जीवन की कोई भी परीक्षा पास कर लेगा।
इस अवसर पर स्कूल प्रधानाचार्य श्री रमेश कुमार शांडिल्य, स्कूल समन्वयक श्री रजनीश रायजादा तथा अध्यापक गण मौजूद थे। अंत में स्कूल महाप्रबंधक श्री सुमेश शर्मा जी ने श्रीमती निशा शर्मा तथा सुमेर खुल्लर जी का धन्यवाद किया तथा उन्हें सम्मानित किया।