हांसी:– स्वच्छता केवल सरकारी योजनाओं से नहीं बल्कि जनभागीदारी और प्रेरणादायी नेतृत्व से साकार होती है। इसका सजीव उदाहरण शनिवार को उपमंडल के ढंढेरी गांव में देखने को मिला, जहां एसडीएम राजेश खोथ ने स्वयं सफाई अभियान में उतरकर अपने हाथों से कूड़ा-कचरा उठाया और ग्रामीणों के साथ श्रमदान किया। उनके इस प्रेरणादायी प्रयास ने पूरे गांव को स्वच्छता अभियान का सहभागी बना दिया। लंबे समय से स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में सक्रिय एसडीएम राजेश खोथ के नेतृत्व में उपमंडल क्षेत्र में लगातार ऐसे अभियान चलाए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य स्वच्छ, सुंदर और हरित समाज का निर्माण करना है।
एसडीएम राजेश खोथ के नेतृत्व में संचालित 'म्हारी हरी-भरी हांसी' अभियान पहले ही क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण की नई पहचान बन चुका है। इस अभियान के तहत पिछले वर्ष लगभग 5000 पौधे लगाए गए थे, जिनकी नियमित देखभाल भी सुनिश्चित की गई। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए अब गांव-गांव विशेष सफाई अभियान चलाकर स्वच्छ वातावरण तैयार करने का कार्य किया जा रहा है। इस वर्ष एस डी महिला महाविद्यालय महिला महाविद्यालय प्रांगण में अभियान के अंतर्गत पौधारोपण किया जा चुका है।
शनिवार को ढंढेरी गांव में आयोजित विशेष सफाई अभियान में पांच ग्राम सचिव, गांव के सरपंच, पंचायत प्रतिनिधि, सफाई कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। अभियान के दौरान गांव की गलियों, सार्वजनिक स्थलों, सरकारी भवनों, चौपालों और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों की व्यापक सफाई की गई। बड़ी मात्रा में कूड़ा-कचरा एकत्रित कर वाहनों के माध्यम से बाहर निर्धारित स्थान पर भिजवाया गया। अभियान के बाद गांव का वातावरण पूरी तरह स्वच्छ और खुशनुमा दिखाई दिया।
अभियान का सबसे प्रेरणादायक दृश्य तब देखने को मिला जब एसडीएम राजेश खोथ स्वयं हाथों में सफाई उपकरण लेकर कूड़ा उठाने लगे। उन्होंने श्रमदान करते हुए कूड़ा वाहनों में भरवाया और उपस्थित लोगों को संदेश दिया कि स्वच्छता किसी एक विभाग का कार्य नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। उनके इस व्यवहार से प्रेरित होकर अनेक ग्रामीण भी सफाई कार्य में जुट गए और पूरे अभियान ने जन आंदोलन का रूप ले लिया।
इस अवसर पर एसडीएम राजेश खोथ ने कहा कि स्वच्छ गांव और स्वच्छ शहर स्वस्थ समाज की सबसे बड़ी पहचान हैं। यदि प्रत्येक नागरिक अपने घर, गली और आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने का संकल्प ले ले तो किसी भी क्षेत्र को आदर्श बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण भी समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है और दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं।
उन्होंने ग्रामीणों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रत्येक परिवार सदस्य को वर्ष में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ वातावरण और हरित धरती देना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रशासन द्वारा स्वच्छता एवं पौधारोपण के ऐसे अभियान भविष्य में भी निरंतर जारी रहेंगे।
अभियान में उपस्थित ग्रामीणों ने एसडीएम राजेश खोथ की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि जब कोई प्रशासनिक अधिकारी स्वयं मैदान में उतरकर श्रमदान करता है तो समाज में सकारात्मक संदेश जाता है और लोगों का विश्वास भी मजबूत होता है। उन्होंने संकल्प लिया कि गांव की स्वच्छता बनाए रखने और पर्यावरण संरक्षण के कार्यों में भविष्य में भी बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई जाएगी।
गांव में इन जगहों पर की गई सफाई-अभियान के दौरान राजकीय प्राथमिक विद्यालय, राजकीय माध्यमिक विद्यालय, मुख्य चौपाल वाली गली, गांव की फिरनी , मुख्य चौक ,  रामायण वाली सड़क तथा जोहड़ के किनारों सहित अनेक सार्वजनिक स्थलों की  सफाई  की गई। इन स्थानों से बड़ी मात्रा में कूड़ा हटाकर पूरे क्षेत्र को स्वच्छ एवं सुंदर बनाया गया। जोहड़ के आसपास जमा गंदगी को हटाकर वहां स्वच्छ वातावरण तैयार किया गया, जिससे जल संरक्षण के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश दिया गया। अभियान में गांव के सरपंच संदीप मलिक, दीपक बंसल, संदीप यादव, राकेश खोथ सहित अनेक गणमान्य नागरिकों उपस्थित रहे।