जालंधर:- केंद्रीय पंजाबी लेखक सभा (रजि.) के महासचिव और प्रसिद्ध साहित्यकार प्रो. संधू वरियांवी के 73वें जन्मदिन पर 'शबदां दे अंग-संग' द्वारा 'शायरां दी दुनिया' के सहयोग से पंजाब प्रेस क्लब, जालंधर में एक शानदार साहित्यिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अध्यक्षता मंडल में प्रो. संधू वरियांवी, डॉ. लखविंदर जौहल, डॉ. गुलजार सिंह पंढेर, डॉ. धर्मपाल साहिल, कुलदीप सिंह बेदी, डॉ. कंवल भल्ला और प्रो. बलदेव सिंह बल्ली विराजमान रहे।
मंच का संचालन कर रहे जगदीश राणा ने बताया कि उन्होंने 2025 में भी प्रो. संधू वरियांवी का जन्मदिन एक बड़े साहित्यिक समागम के साथ मनाया था। इस साल उनके जन्मदिन पर पांच शायरों को यादगार पुरस्कारों से नवाजा जा रहा है और हर साल इसी तरह पांच या उससे अधिक कवियों को सम्मानित करके उनका जन्मदिन मनाया जाएगा।
इस अवसर पर पहला उस्ताद उल्फत बाजवा यादगार पुरस्कार हरदयाल होशियारपुरी को, पहला नंद लाल नूरपुरी यादगार पुरस्कार नकश वरियांवी को, पहला नरिंदर प्रकाश खेड़ी यादगार पुरस्कार के. साधु सिंह को, पहला लोक कवि गुरदास राम आलम यादगार पुरस्कार नवतेज गढ़दीवाला को और पहला मोहिंदर सिंह दीवाना यादगार पुरस्कार लोक शायर जगदीश राणा को दिया गया।
इस मौके पर डॉ. लखविंदर जौहल ने नंद लाल नूरपुरी, कुलदीप सिंह बेदी ने उल्फत बाजवा, डॉ. धर्मपाल साहिल ने मोहिंदर सिंह दीवाना, चेतन स्वरूप और परमजीत महे ने नरिंदर प्रकाश खेड़ी तथा मित्र मंजीत ने गुरदास राम आलम की शायरी और व्यक्तित्व पर विचार साझा किए।
इसी तरह प्रो. बलदेव सिंह बल्ली ने नवतेज गढ़दीवाला, डॉ. गुलजार सिंह पंढेर ने के. साधु सिंह, डॉ. कंवल भल्ला ने जगदीश राणा, नक्काश चिट्टीवाणी ने नकश वरियांवी और कुलविंदर गाखल ने हरदयाल होशियारपुरी की शायरी और व्यक्तित्व के बारे में जानकारी साझा की। सम्मानित शायरों ने अपनी एक-एक रचना सुनाकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
इस अवसर पर दर्पण साहित्य सभा, शैला खुर्द की ओर से रेशम चित्रकार ने अपनी बनाई हुई पेंटिंग प्रो. संधू वरियांवी को भेंट कर सम्मानित किया। 'नवी चेतना पंजाबी लेखक मंच' और 'साहित्य ते कला मंच, वरियाणा' द्वारा भी नकद राशि और सुंदर उपहार देकर संधू वरियांवी का सम्मान किया गया। संधू वरियांवी ने सभी का धन्यवाद करते हुए कहा कि अन्य संस्थाओं को भी ऐसे प्रयास करने चाहिए और लेखकों को पंजाबी भाषा, पंजाब और पंजाबियत के लिए हमेशा जागरूक रहना चाहिए।
अध्यक्षता मंडल में शामिल सभी विद्वानों ने कहा कि जगदीश राणा ने संधू वरियांवी के जन्मदिन पर साहित्यकारों को सम्मानित करने की नई परंपरा शुरू की है और साहित्यकारों के जन्मदिन इसी तरह मनाए जाने चाहिए। 'शबदां दे अंग-संग' और 'शायरां दी दुनिया' द्वारा इस मौके पर अध्यक्षता मंडल और उपस्थित सभाओं के पदाधिकारियों का भी विशेष सम्मान किया गया। इस मौके पर सविंदर संधू की पुस्तक 'जीउंदे शहीद' का दूसरा संस्करण और कुलदीप सिंह बेदी द्वारा प्रकाशित त्रैमासिक पत्रिका 'मीरजादा' का नया अंक भी लोक-अर्पित किया गया।
इस मौके पर कीमती कैसर, सुरजीत साजन, गायक दलजीत हंस, रमेश आलम, रमेश जालंधरी, शम्मी वरियाणा, सुरिंदर गुलशन, जगतार वरियांवी, रेशम चित्रकार, दलजीत महीमी, जसपाल जीरवी, रितू कलसी, गीता वर्मा, शाम सरगुंडी, गुरमुख लुहार, अनिता नव वशिष्ठ, अनिल वशिष्ठ, गुरदीप सिंह उजाला, जगदीश डालिया, गरीब दास संधू, शिव दत्त कालिया, किरण बाला, मोहन सिंह मोती, अवतार सिंह, प्रीतपाल सिंह, गीतपाल सिंह, सुरिंदर कौर, हरजिंदर जिंदी, हीरा लाल मल्होत्रा, परमजीत अंबेडकरी, यशपाल, सुखदीप बाघा, नरेश कुमार, रिपुजीत सेन और विजय शंकर सहित 80 से अधिक साहित्य प्रेमी मौजूद थे।
