साहित्य विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ द्वारा सामुदायिक केंद्र सेक्टर 42 में एक उत्कृष्ट वार्षिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसके मुख्य अतिथि पंजाब हरियाणा खादी मंडल के अध्यक्ष श्री केके शारदा थे अध्यक्षता प्रख्यात साहित्यकार श्री प्रेम विज्जी ने की। आरंभ में सार्वजनिक सचिव श्रीमती दविंदर कौर ढिल्लों ने सभी अतिथियों एवं दर्शकों का स्वागत किया तथा आज के कार्यक्रम का उद्देश्य बताया।
केंद्र के अध्यक्ष श्री गुरदर्शन सिंह मावी ने कहा कि वार्षिक कार्यक्रम अनोखा है क्योंकि इसमें कोरियोग्राफी, गीत-संगीत, स्किट और जागो के माध्यम से पंजाबी संस्कृति को दिखाने की कोशिश की गई है। कार्यक्रम की शुरुआत पिंजौर से पहुंचे गुरदास सिंह दास के धार्मिक गीत से हुई। कोरियोग्राफी "पंजाब दी मिट्टी" को दविंदर कौर ढिल्लों, मलकीत कौर बसरा, नरिंदर कौर लोंगिया, चरणजीत कौर बाथ, रमनदीप कौर, ज्योति ने खूबसूरती से प्रस्तुत किया।
सुरजीत सिंह धीर की गजल के बाद नरिंदर सिंह और नरिंदर कौर लोंगिया ने पंजाबी गाने पर डांस किया. बलविंदर सिंह ढिल्लों, रतन बाबाकवाला, बूर सिंह, डॉ. मंजीत सिंह बल्ल, दर्शन सिंह सिद्धू, लाभ सिंह लाहली, तरसेम राज ने विभिन्न पंजाबी गानों पर नृत्य किया और अपनी प्रतिभा दिखाई। ग्रुप में 'गड़वा ले दे चांदी दा', 'होया की जे कुड़ी आन तू, दिल्ली शहर दी', 'पंडत जी की इह लाल मेरा...' आदि गानों पर कोरियोग्राफी कर सभी का मन मोह लिया।
दर्शन सिंह तीउना द्वारा चरित्र नाटक "बेगो नार" प्रस्तुत किया गया तथा दर्शन तीउना ने "चलाक नौकर" नाटक प्रस्तुत किया। मंच संचालन श्री गुरदर्शन सिंह मावी ने कुशल ढंग से किया। इस अवसर पर मनप्रीत कौर, बलकार सिधू, डॉ. अवतार सिंह पतंग, हरभजन कौर ढिल्लों, गुरमेल सिंह मौजौवाल और मुंबई से लगभग अस्सी गणमान्य लोग उपस्थित थे।