डेराबस्सी (साहिबज़ादा अजीत सिंह नगर), 20 मार्च: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार द्वारा शुरू किए गए 'युद्ध नशे के विरुद्ध' अभियान को आज उस समय बड़ा बल मिला जब डेराबस्सी निर्वाचन क्षेत्र के सरपंचों और पंचायतों ने ग्रामीण विकास और पंचायत मंत्री तरूणप्रीत सिंह सौंद की उपस्थिति में विधायक कुलजीत सिंह रंधावा की पहल पर अभियान को अपना पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की।
इस अवसर पर अपने संबोधन में ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री तरूणप्रीत सिंह सौंद ने कहा कि पंजाब के युवाओं को नशे की बुराई से बचाने के लिए सख्त कदम उठाने का समय आ गया है। उन्होंने नशा तस्करों को चेतावनी देते हुए कहा कि या तो वे यह काम छोड़ दें या फिर पंजाब की धरती छोड़ दें। उन्होंने कहा कि पंजाब के युवाओं को इस संकट से मुक्ति दिलाकर उनका इलाज और पुनर्वास कराकर समाज की मुख्यधारा में लाया जाएगा।
 उन्होंने कहा कि नशा तस्करों की काली करतूतों को अनुकरणीय रूप में लोगों के सामने लाने के लिए व नशा तस्करों द्वारा अवैध कब्जा कर बनाई गई संपत्तियों को पूरी कानूनी कार्रवाई कर ध्वस्त किया जा रहा है ताकि ऐसे असामाजिक तत्वों को कड़ा संदेश मिल सके। उन्होंने कहा कि पंजाब में उद्योग को बढ़ावा देकर बेरोजगारी दूर की जाएगी ताकि युवा रोजगार मिलने के बाद नशे के बारे में सोचे भी नहीं।
उन्होंने कहा कि सरकार अगले वित्तीय वर्ष में राज्य के 12336 गांवों में तालाबों की सफाई का काम पूरा कर लेगी, पानी का नमूना परीक्षण कराने के बाद पानी का उपयोग सिंचाई के लिए किया जाएगा। जिन तालाबों में पानी की रिपोर्ट सही नहीं होगी, उन्हें सीचेवाल और थापर मॉडल के तहत लाकर ट्रीटमेंट प्लांट लगाए जाएंगे। ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री ने कहा कि सरकार 5 किमी के दायरे में आने वाले गांवों की नई सड़कें बनाएगी और पहुंच मार्गों की आवश्यक मरम्मत कराएगी। इसके अलावा युवाओं को खेल से जोड़ने के लिए प्रत्येक गांव में खेल का मैदान बनाया जाएगा।
 उन्होंने सरपंचों से अपील की कि वे गांवों के विकास के लिए वित्तीय संसाधन जुटाने के लिए अपने स्तर पर पहल करें, जो प्रवासी पंजाबियों या उद्योगपतियों के सहयोग से भी किया जा सकता है।
पंजाब मंडी बोर्ड के चेयरमैन हरचंद सिंह बर्स्ट ने आज की पहल की सराहना करते हुए कहा कि नशे के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई में सभी का सहयोग जरूरी है। उन्होंने कहा कि पंजाब मंडी बोर्ड, केंद्र सरकार द्वारा रोके गए 7500 करोड़ रुपये के ग्रामीण विकास फंड के विकल्प के रूप में नाबार्ड से 1800 करोड़ रुपये का ऋण ले रहा है, जिसमें 200 करोड़ रुपये राज्य सरकार और 492 करोड़ रुपये मार्किट कमेटियों द्वारा योगदान दिया जाएगा। इस फंड से राज्य में ग्रामीण सड़कों का नवीनीकरण और मरम्मत का काम युद्ध स्तर पर किया जायेगा।
विधायक कुलजीत सिंह रंधावा ने कहा कि आज जब पूरे पंजाब में 'युद्ध नशे के विरुद्ध' अभियान तेजी से चल रहा है, तो यह अच्छा संकेत है कि पंचायतों को इस अभियान से जोड़ने की पहल डेराबस्सी हलके से हुई है। उन्होंने कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र की लगभग 92 पंचायतों को सरकार द्वारा 9.10 करोड़ रुपये से अधिक का अनुदान दिया गया है। उन्होंने मंत्री सौंद को बताया कि डेराबस्सी हलके में नशे के खिलाफ मुहिम को भरपूर और सफल प्रतिसाद मिल रहा है।
डीएसपी जसपिंदर सिंह ने बताया कि डेराबस्सी के त्रिवेदी कैंप, डेराबस्सी और दयालपुरा, व जीरकपुर में स्थित ड्रग हॉट स्पॉट पर लगातार छापेमारी के दौरान 21 मामलों में 52 ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। इनके पास से 15 किलो अफीम, एक किलो 290 ग्राम कोकीन, 3 किलो गांजा, 2 किलो 700 ग्राम चरस, 118 ग्राम हेरोइन, 684 नशीली गोलियां, 13.5 लीटर शराब, 700 ग्राम पोस्त और 3.31 लाख रुपये की ड्रग मनी बरामद की गई है। इसके अलावा एनडीपीएस की धारा 27 (ए) के तहत नशीले पदार्थों की कमाई से बनाए गए घरेलू सामान को भी जब्त कर लिया गया है।
इस मौके पर एसडीएम अमित गुप्ता व डीएसपी बिक्रमजीत सिंह बराड़ ने भी संबोधित किया। इस मौके पर एडीसी (ग्रामीण विकास) सोनम चौधरी, डीडीपीओ बलजिंदर सिंह ग्रेवाल, बीडीपीओ गुरप्रीत सिंह मांगट और आम आदमी पार्टी के ब्लॉक अध्यक्ष के अलावा अन्य नेता और करीब 85 गांवों के सरपंच मौजूद रहे।