हरोली/ऊना, 15 जून (राजवीर चोपड़ा):- हरोली विधानसभा क्षेत्र में लगातार सामने आ रही चोरी की घटनाओं ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। क्षेत्र में हाल के दिनों में कई स्थानों पर चोरी की वारदातें हुई हैं, जिनमें से कई मामलों का अब तक खुलासा नहीं हो सका है। इससे लोगों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं और रात्रि गश्त बढ़ाने की मांग तेज हो रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हरोली क्षेत्र में दो पुलिस थाने और एक पुलिस चौकी होने के बावजूद स्टाफ की कमी के कारण समय पर कार्रवाई और नियमित निगरानी प्रभावित होती है। उनका मानना है कि सीमित पुलिस बल के चलते अपराधियों को वारदात के बाद फरार होने का मौका मिल जाता है।
औद्योगिक क्षेत्र टाहलीवाल में विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में श्रमिक और प्रवासी लोग कार्यरत हैं।
ऐसे में स्थानीय नागरिकों का सुझाव है कि किरायेदारों और बाहरी कामगारों का व्यवस्थित सत्यापन तथा रिकॉर्ड तैयार किया जाए, ताकि कानून व्यवस्था बनाए रखने में आसानी हो सके।
लोगों ने यह भी मांग उठाई है कि टाहलीवाल जैसे व्यस्त औद्योगिक क्षेत्र में दिन के समय ट्रैफिक पुलिस की नियमित तैनाती और रात के समय पुलिस गश्त को और प्रभावी बनाया जाए। उनका कहना है कि हाल ही में टाहलीवाल में दो चोरी की घटनाएं सामने आई हैं, जबकि इससे पहले भी कई मामलों में अब तक कोई ठोस सफलता नहीं मिली है।
हरोली क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति भी पुलिस के लिए चुनौती मानी जाती है।
पंजाब से सटे होने और कई संपर्क मार्ग लिंक रोड मौजूद होने के कारण अपराधी वारदात के बाद तेजी से क्षेत्र बदल सकते हैं, जिससे जांच और गिरफ्तारी की प्रक्रिया जटिल हो जाती है।
स्थानीय नागरिकों का मानना है कि पुलिस बल की संख्या बढ़ाने, नियमित गश्त, तकनीकी निगरानी, बाहरी व्यक्तियों के सत्यापन और जनता-पुलिस सहयोग को मजबूत करने से चोरी जैसी घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।
साथ ही, किसी भी मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आते हैं और प्रत्येक घटना के कारण अलग अलग हो सकते हैं।
