अंबाला, 17 दिसंबर:- जिला भर के रिटायर कर्मियों ने मास्टर कुलदीप चौहान जिला प्रधान व सचिव दयाल सैनी के नेतृत्व में शिक्षा सदन से उपायुक्त कार्यलय तक प्रदर्शन किया और प्रधानमंत्री के नाम सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में प्रधानमंत्री महोदय से मांग की गई है कि पेंशन वित्त विधेयक 2025 क़ो वापिस लिया जाए। 
रिटायर्ड कर्मियों क़ो पूर्व की भांति आठवे केंद्रीय वेतन आयोग के सभी लाभ दिए जाए। कम्युट की गई पेंशन की कटौती ग्यारह साल ही की जाए। कोरोनाकाल में रोके गए 18 महीने के महंगाई भत्ते का भुगतान किया जाए। 65 वर्ष की आयु पर दस प्रतिशत व 75 साल की आयु पूर्ण होने पर मूल पेंशन में 20 प्रतिशत बढ़ोतरी की जाए। 
रिटायर कर्मियों का सभी सरकारी व पेनल हॉस्पिटल में मुफ्त ईलाज की व्यवस्था की जाए व मेडिकल भत्ता तीन हज़ार रू महीना किया जाए। मजदूर विरोधी चारों लैबर कोड रद्ध किए जाए। विकसित भारत रोजगार आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम 2025 क़ो वापिस लिया जाए। एन पी एस क़ो खत्म कर पुरानी पेंशन स्कीम लागू की जाए तथा सभी रिक्त पदो पर स्थाई भर्ती की जाए।
रिटायर कर्मियों ने सिटी मजिस्ट्रेट के सामने प्रमुखता से प्राइवेट बस मालिकों द्वारा सीनियर सिटीजन क़ो किराया में 50 प्रतिशत की छूट न देने व अपमानित कर बसों से नीचे उतारने का मुद्दा फिर से उठाया। प्रदर्शनकारियों ने खेद प्रकट करते हुए कहा कि इस बारे 26 नवंबर क़ो प्रशासन क़ो लिखित में दिया गया था। परन्तु दोषियों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं हुई। इससे बस मालिकों का होंसला और बढ़ गया हैं और वह वरिष्ठ नागरिकों की जमकर लूट कर रहे हैं।
प्रदर्शन में उक्त के इलावा रिटायर कर्मी दलबीर सोढ़ी, रणजीत सिंह, अशोक वर्मा, किशन सागर, राम नाथ धीमान, ओम प्रकाश, तेजेंद्र सिंह, सतपाल चौहान, सतीश सेठी, गुरचरण सिंह व विजेंद्र सिंह कम्बोज तथा सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के जिला प्रधान इंद्र सिंह बधाना, सचिव विकास वर्मा व केशियर रविंद्र शर्मा इत्यादि ने भाग लिया।