नवांशहर - रेड क्रॉस नशा मुक्ति केंद्र नवांशहर द्वारा 18 अक्टूबर 2024 को "नशा मुक्त भारत अभियान" के तहत सरकारी हाई स्मार्ट स्कूल सरहाला रानून (एसबीएस नगर) में एक नशा विरोधी जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर की अध्यक्षता श्रीमती मंदीप संधू (मुख्य अध्यापिका) ने की।
छात्रों को संबोधित करते हुए श्री चमन सिंह (परियोजना निदेशक) ने कहा कि नशा अब दुनिया भर में एक बड़ी समस्या है। जहां पूरी दुनिया में युवा नशे की ओर जा रहे हैं वहीं आजकल लड़कियां भी नशे की दलदल में जा रही हैं। उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि अगर आपके जीवन में किसी भी तरह की समस्या आती है तो उसे अपने शिक्षक और माता-पिता से साझा करना चाहिए. उन्होंने कहा कि नशा मुक्त भारत अभियान के तहत सरकार ने विभिन्न नशा मुक्ति केंद्र, निजी नशा मुक्ति केंद्र खोले हैं, ताकि नशा करने वालों का इलाज किया जा सके. लोगों को नशे के प्रति जागरूक करने के इस अभियान में हमें अपना योगदान देना चाहिए। इसलिए अगर हम खुद से शुरुआत करके घर पर ही नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी साझा करें तो हम युवा पीढ़ी को इस दलदल से बचा सकते हैं। इसलिए अच्छे काम की शुरुआत हमें अपने घर से ही करनी होगी। उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि स्कूल के बाद उच्च शिक्षा के लिए आपको कॉलेज जाना है, इसलिए नशे से दूर रहें और अपनी पढ़ाई पर ध्यान दें. उन्होंने उन्हें नशे के दुष्परिणामों की जानकारी देने के साथ-साथ इसकी लत न लगने के टिप्स भी साझा किए।
हमें अपने घरों में बैठकर किसी भी त्योहार या किसी शहीदी दिवस की छुट्टी की जानकारी साझा करनी चाहिए। उन्होंने अध्यापकों से भी अपील की कि वे स्कूली शिक्षा के साथ-साथ नशे के बारे में भी जानकारी साझा करें, ताकि विद्यार्थियों को नशे के प्रति जागरूक करके ही उन्हें नशे से दूर रखा जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि लत क्या है? हम इससे कैसे छुटकारा पा सकते हैं? इसके साथ ही उन्होंने प्रभावित युवाओं के शारीरिक, सामाजिक, आर्थिक और मानसिक स्वास्थ्य पर भी प्रकाश डाला। विद्यार्थियों से अपील नशा मुक्त भारत अभियान के सपने को साकार करने के लिए आपके सहयोग की आवश्यकता है।
श्रीमती कमलजीत कौर (काउंसलर) ने नशीली दवाओं के सेवन से होने वाले नुकसान के बारे में जागरूक किया और कहा कि नशा मुक्त भारत अभियान के तहत की जाने वाली गतिविधियों में तेजी लायी जानी चाहिए। विद्यार्थियों को सोशल मीडिया तथा संचार के अन्य माध्यमों से भी नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया जाना चाहिए। स्कूल के शिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों के बैग और सामान की नियमित रूप से जाँच की जानी चाहिए। उन्होंने रेडक्रॉस नशा मुक्ति केंद्र में मरीजों के इलाज के बारे में भी विस्तृत जानकारी साझा की। कि कोई भी नशे का आदी व्यक्ति अपनी इच्छानुसार एक माह तक निःशुल्क इलाज करा सकता है।
श्री नवीन कौशल (शिक्षक) ने भी नशीली दवाओं और उसके दुष्प्रभावों के बारे में अपने विचार व्यक्त किये। श्रीमती मंदीप संधू (मुख्य अध्यापिका) ने रेड क्रॉस टीम का धन्यवाद किया। जिन्होंने छात्रों को नशे के प्रति जागरूक किया और छात्रों को नशे से दूर रहने के लिए विभिन्न टिप्स साझा किए।
इस अवसर पर परदीप कौर (अध्यापिका), ईशुप्रीत कौर (अध्यापिका), परदीप कौर (अध्यापिका), अमनप्रीत कौर (अध्यापिका), किरण बाला (अध्यापिका), अलका कुमारी (शिक्षक), आकाश दीप (शिक्षक), बलजीत कौर (शिक्षक) एवं विद्यार्थी उपस्थित थे।
लगी नज़र पंजाब नू, इसदी नज़र उतारो, लेकर मिर्चां कोडियाँ सिर से वारो: सरदार चमन सिंह.
