चंडीगढ़, 24 अक्टूबर 2026:- पीईसी (पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज), चंडीगढ़ (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी) ने अपना 56वां दीक्षांत समारोह अत्यंत उत्साह और शैक्षणिक गरिमा के साथ आयोजित किया। पंजाब के राज्यपाल, केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के प्रशासक एवं पीईसी के कुलाधिपति श्री गुलाब चंद कटारिया मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। पीईसी के कुलपति प्रो. भोला राम गुर्जर सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों, विशिष्ट अतिथियों, संकाय सदस्यों, उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों तथा उनके गौरवान्वित परिजनों ने भी समारोह में भाग लिया।
दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों की शैक्षणिक यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि का प्रतीक रहा, जिसमें उनकी लगन, दृढ़ता और उपलब्धियों का उत्सव मनाया गया। इस समारोह ने तकनीकी शिक्षा, अनुसंधान एवं नवाचार के क्षेत्र में पीईसी की गौरवशाली परंपरा तथा भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार पेशेवरों और जिम्मेदार नेतृत्वकर्ताओं को विकसित करने की संस्थान की प्रतिबद्धता को प्रतिबिंबित किया।
विभिन्न शैक्षणिक कार्यक्रमों के अंतर्गत कुल 824 उपाधियां प्रदान की गईं, जिनमें 737 बी.टेक., 69 एम.टेक. और 18 पीएच.डी. उपाधियां शामिल थीं। इनमें से 675 विद्यार्थियों ने व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपनी उपाधियां प्राप्त कीं, जबकि 149 उपाधियां अनुपस्थिति में प्रदान की गईं।
पीईसी के कुलपति प्रो. भोला राम गुर्जर ने मुख्य अतिथि श्री गुलाब चंद कटारिया का स्वागत किया तथा उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों और उनके परिवारों को बधाई दी। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को वर्ष के दौरान संस्थान की प्रमुख उपलब्धियों से अवगत कराया। उन्होंने शैक्षणिक उत्कृष्टता को सुदृढ़ करने, अंतर्विषयक अनुसंधान को बढ़ावा देने, उद्यमिता को प्रोत्साहित करने तथा उद्योग जगत और प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों के साथ सहयोग को मजबूत करने के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयासों पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर कुलपति ने संस्थान की वार्षिक रिपोर्ट भी मुख्य अतिथि को प्रस्तुत की। उन्होंने विद्यार्थियों को पीईसी के मूल्यों और परंपराओं को बनाए रखने तथा अपने व्यावसायिक कार्यों के माध्यम से समाज में सार्थक योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
सभा को संबोधित करते हुए श्री गुलाब चंद कटारिया ने स्नातक विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को उनकी उपलब्धियों के लिए बधाई दी। उन्होंने पीईसी की गौरवशाली विरासत का उल्लेख करते हुए प्रख्यात वैज्ञानिक प्रो. सतीश धवन तथा संस्थान की प्रतिष्ठित पूर्व छात्रा और अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला को याद किया। उन्होंने इन महान विभूतियों को इंजीनियरों और युवाओं की पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्थायी स्रोत बताया। इस अवसर पर पीईसी की पूर्व छात्रा सुश्री कंवरदीप कौर, आईपीएस, एसएसपी, चंडीगढ़ को फेम इंडिया–एशिया पोस्ट द्वारा भारत के शीर्ष 25 पुलिस अधिकारियों में शामिल किए जाने का भी उल्लेख किया गया।
स्नातक विद्यार्थियों को “भारत के भावी युवा” बताते हुए राज्यपाल ने उनसे भारत की समृद्ध विरासत को गर्व और जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने नशा मुक्ति पर विशेष बल देते हुए युवाओं से नशीले पदार्थों से दूर रहने तथा नशामुक्त समाज के दूत बनने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वस्थ और एकाग्र युवा पीढ़ी ही सशक्त राष्ट्र की नींव है।
राज्यपाल ने युवा इंजीनियरों को नवाचार करने तथा देश की सेवा में प्रौद्योगिकी और उभरती तकनीकों का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया, ताकि राष्ट्रीय सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को मजबूत किया जा सके तथा किसी भी चुनौती के विरुद्ध देश के हितों और अखंडता की रक्षा की जा सके। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि स्नातक विद्यार्थी व्यावसायिक नैतिकता के उच्च मानकों को बनाए रखेंगे तथा अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग सामाजिक चुनौतियों का समाधान करने और राष्ट्र की प्रगति में योगदान देने के लिए करेंगे।
56वां दीक्षांत समारोह प्रेरणादायक वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने पीईसी की गौरवशाली विरासत तथा उत्कृष्टता, ईमानदारी और राष्ट्र निर्माण के प्रति संस्थान की अटूट प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाते हुए अपने नए व्यावसायिक और शैक्षणिक सफर की शुरुआत की।
