चंडीगढ़, 14 अक्टूबर 2026:- पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (पीईसी), सेक्टर-12, चंडीगढ़ की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई ने आज पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (पीजीआईएमईआर), चंडीगढ़ के सहयोग से सेंटेनरी हॉल में रक्तदान शिविर का आयोजन किया। सुबह 10:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक आयोजित इस शिविर में लगभग 300 स्वयंसेवकों ने पंजीकरण कराया, जिनमें से करीब 240 लोगों ने रक्तदान किया। रक्तदान करने वालों में 11 महिलाएँ भी शामिल थीं।

“रक्तदान करें, जीवन बचाएँ” के संदेश के साथ आयोजित इस पहल का उद्देश्य सभी पात्र रक्तदाताओं को जीवन बचाने के इस पुनीत कार्य में भाग लेने के लिए प्रेरित करना था। रक्तदाताओं ने पहले ही ऑनलाइन फॉर्म के माध्यम से पंजीकरण कराया था। एनएसएस, पीईसी द्वारा आयोजित पिछले लगातार तीन शिविरों में रक्तदान करने वाले रक्तदाताओं को उनके निरंतर समर्पण के प्रतीक के रूप में “स्टार डोनर” सम्मान दिया गया।

इस शिविर का आयोजन एनएसएस कार्यक्रम समन्वयक प्रो. संदीप कौर तथा सह-समन्वयकों प्रो. मयंक गुप्ता, प्रो. रतन लाल और प्रो. मोहित कुमार के मार्गदर्शन में किया गया। क्लब के सचिव नवीन गिल, संयुक्त सचिव सबरीना तथा सहायक सचिव आर्यन गोयल ने संयोजकों के रूप में अपनी भूमिका निभाई।

एनएसएस, केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के राज्य संपर्क अधिकारी डॉ. नेमी चंद गोलियाया ने मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। उन्होंने विद्यार्थियों को स्वैच्छिक रक्तदान को नियमित जीवनचर्या का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर छात्र मामलों के अधिष्ठाता (डीएसए) डॉ. पुनीत चावला; कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर डॉ. राजेश कुमार भाटिया; तथा माय भारत के जिला युवा अधिकारी श्री विनय कुमार भी उपस्थित रहे।

डॉ. आशीष जैन ने पीजीआईएमईआर की चिकित्सा टीमों के साथ मिलकर निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुसार रक्त संग्रह प्रक्रिया की निगरानी की। प्रत्येक रक्तदाता की रक्तदान से पहले स्वास्थ्य जाँच की गई। रक्तदान के बाद उन्हें जलपान उपलब्ध कराया गया और आराम करने की सुविधा दी गई। इस शिविर में विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। कई ऐसे लोग भी रक्तदान के लिए आगे आए, जिन्होंने पहली बार रक्तदान किया।

रक्त की एक यूनिट चार लोगों तक का जीवन बचाने में सहायक हो सकती है। रक्त का उपयोग शल्य चिकित्सा, दुर्घटनाओं एवं आघात संबंधी उपचार, प्रसव के दौरान आपात स्थितियों तथा थैलेसीमिया और कैंसर जैसी बीमारियों के उपचार में किया जाता है।

एनएसएस इकाई ने शिविर को सफल बनाने में सहयोग देने के लिए पीजीआईएमईआर की टीम, कॉलेज प्रशासन, संकाय समन्वयकों तथा सभी रक्तदाताओं और स्वयंसेवकों के प्रति आभार व्यक्त किया। एनएसएस के आदर्श वाक्य “मैं नहीं, बल्कि आप” से प्रेरित होकर इकाई ने समाज के कल्याण के लिए भविष्य में भी ऐसी जनहितकारी पहल जारी रखने का संकल्प लिया।