पटियाला:- पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह के दिशा-निर्देशों के अनुसार, यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि प्रत्येक युवा और नागरिक आपातकाल के दौरान अपनी सुरक्षा और पीड़ितों की सहायता करने के लिए प्रशिक्षण लेकर 'मददगार फरिश्तों' के रूप में तैयार हो। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए, माता कौशल्या अस्पताल नर्सिंग स्कूल की छात्राओं को पीड़ितों का मददगार फरिश्ता बनाने के लिए मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. विकास गोयल और प्रिंसिपल श्रीमती सुरिंंदर पाल कौर द्वारा सराहनीय प्रयास किए जा रहे हैं।
इसके तहत, फर्स्ट एड, सेफ्टी, हेल्थ अवेयरनेस मिशन के चीफ ट्रेनर और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन विशेषज्ञ श्री काका राम वर्मा द्वारा छात्राओं को अचानक होने वाली मौतों (जैसे दिल का दौरा, एनजाइना दर्द, ब्लू बेबी अटैक, मिर्गी के दौरे, करंट लगने, कार्डियक अरेस्ट, बेहोशी और सदमे के समय) में पीड़ितों को जीवित रखने का अत्यंत महत्वपूर्ण प्रशिक्षण दिया गया और छात्राओं से पीड़ितों की सहायता करने का अभ्यास भी कराया गया।
पंजाब पुलिस यातायात शिक्षा सेल के श्री राम सरन ने विद्यार्थियों को यातायात, स्वास्थ्य देखभाल, नशों, सुरक्षा नियमों, कानूनों, कर्तव्यों का पालन करने, साइबर सुरक्षा, किडनैपिंग और घर से भागकर मुसीबतों व परेशानियों में फंसने से बचने के लिए जागरूक किया।
प्रिंसिपल श्रीमती सुरिंंदर पाल कौर और अन्य व्याख्याताओं ने धन्यवाद करते हुए कहा कि आज के समय में प्रत्येक छात्र, शिक्षक और नागरिक को आपदा प्रबंधन, सिविल डिफेंस, फर्स्ट एड, सीपीआर, फायर सेफ्टी सिलिंडर के उपयोग और पीड़ितों को रेस्क्यू व ट्रांसपोर्ट करने का प्रशिक्षण लेना चाहिए। उन्होंने गलियों, मोहल्लों, कॉलोनियों और संस्थाओं में सिविल डिफेंस आपदा प्रबंधन टीमें बनाकर मानवता को बचाने के लिए अस्पतालों, फायर ब्रिगेड और पुलिस जवानों के साथ मिलकर ड्यूटी करने पर जोर दिया।
सभी ने विश्व शांति और भाईचारे के लिए प्रार्थना की। यह भी कहा गया कि देश-विदेश जाने वाले युवाओं को इन विषयों का प्रशिक्षण अवश्य लेना चाहिए ताकि उनके पास डिग्री के साथ-साथ कीमती जानें बचाने की जानकारी और व्यावहारिक अभ्यास भी हो। जान बचाने वालों को हर महीने पटियाला में सम्मानित भी किया जा रहा है।
विश्व शांति के लिए प्रार्थना इंसानों को संकट के समय मरने से बचाने के तरीके सीखे
