होशियारपुर:- पेड़ पौधे प्रकृति की अनमोल धरोहर है जो हमे प्रत्यक्ष से प्राण वायु प्रदान करते है। साथ ही सही दिशा में लग जाए, तो दिशा स्वामी ग्रहों का आशीर्वाद भी प्रदान करवा सकते है। पेड़ पौधो में किसी न किसी देवता व ग्रहों का प्रत्यक्ष वास होता हैं। ऐसा मानना है अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त वास्तुविद एवं लेखक डॉ भूपेन्द्र वास्तुशास्त्री का।
 अपने इष्ट देव और वास्तु पुरुष को प्रसन्न करने के लिए एक पेड़ निम्न प्रकार से दिशा अनुसार लगाकर पुण्य कमाये:-

1. पूर्व दिशा:- श्वेत अर्क, मदार, लाल गुलाब,बरगद।
2. दक्षिण दिशा:- खेर, गुड़हल, चंदन, लाल पुष्प, अशोक।
3. पश्चिम दिशा:- शमी, पीपल, वैजंती।
4. दिशा:- अपामार्ग, पान, आम, तुलसी जी।
5. ईशान कोण:- तुलसी जी, हल्दी, गेंदा, पंज बेल।
6. आग्नेय कोण:- गुलाब, हरसिंगार, गूलर।
7. नेरित्य कोण:- लाल चंदन, शीशम, भुजंग, अशोक, सागवान।
8. वायव्य कोण:-  पलाश, रजनीगंधा, चमेली।

उपरोक्त पेड़ अपनी घर की दिशा अनुसार लगाए। लेकिन इस बात का ध्यान अवश्य रखना होगा की भवन के ब्रह्म स्थान पर कोई भी पेड़ नहीं होना चाहिए, चाहे वह सोने की ईट ही क्यो न दे। इसके साथ ही इस बात का भी ध्यान रखना होगा कि किसी भी पेड़ की छाया भवन पर दिन के दूसरे और तीसरे प्रहर नही पड़नी चाहिए।