नवांशहर - पेंशनर्स एसोसिएशन मंडल नवांशहर के अध्यक्ष नरेंद्र कुमार मेहता के नेतृत्व में राज्य कमेटी के आह्वान पर मंडल नवांशहर के समक्ष विशाल धरना दिया गया। मंच सचिव की भूमिका मदन लाल ने निभाई। इस हड़ताल में कर्मचारी संयुक्त मंच के अधिकांश कर्मचारी शामिल हुए. पंजाब सरकार बार-2 बैठकों की डेट आगे से आगे कर कर मांगों पर विचार करने से भाग रही है।
सरकार की इस खराब नीति के खिलाफ 3 सितंबर को कर्मचारियों और पेंशनरों के संयुक्त मोर्चे द्वारा चंडीगढ़ की दाना मंडी में शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया गया। सरकार द्वारा मांगों के समाधान के लिए 10 सितंबर को बैठक की डेट देने के उपरांत धरना समाप्त करने के बावजूद पुलिस ने संयोजकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली. बिजली कर्मियों के अपमान को लेकर इस सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गयी और इसकी कड़े शब्दों में निंदा की गयी.
 इस मौके पर कुलविंदर अटवाल, मोहन सिंह बूटा, मदन लाल, रविंदर राहों, गुरमुख सिंह, विजय कुमार, मंजीत कुमार, जगदीश चंद्र, कमल देव, अश्वनी कुमार गढ़शंकर, बलवीर दुसांझ, अमर सिंह, हुसन भाटिया, निरंजन कंगन, सुरजीत सिंह चरन, वक्ता अमरीक सिंह, जसवीर सिंह, जोगा सिंह, जुगिंदर सिंह, कुलदीप सौना शुभाष कमर, ईशान मक्कड़ आदि ने अपने संबोधन में कहा कि पेंशनरों की जायज मांगें जिनमें 1-1-16 से पहले सेवानिवृत्त हुए लोगों को 2.59 का गुणक देने, 1-1-16 से डीए एरियर और  लंबित डीए किश्तों, यूनिटों में रियायत, मेडिकल भत्ते में बढ़ोतरी, मेडिकल कैशलेस योजना की बहाली, विकास के नाम पर काटे जा रहे 200 रुपये प्रति माह तत्काल बंद करने आदि मांगों का समाधान नहीं किया गया और संयोजकों पर दर्ज मुकदमे तुरंत वापस नहीं लिए गए तो 25 सितंबर को पटियाला मुख्य कार्यालय के सामने विशाल धरना दिया जाएगा और चारो उप चुनावों के दौरान सरकार के खिलाफ प्रचार किया जाएगा। अंत में अध्यक्ष मेहता ने आये हुए कर्मचारियों एवं पेंशनरों का आभार व्यक्त किया।