चंडीगढ़, 19 फरवरी 2025- पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ में आज सार्वभौमिक मानवीय मूल्यों (यूएचवी) पर तीन दिवसीय संकाय विकास कार्यक्रम (एफडीपी) शुरू हुआ। यूएचवी सेल, सीआईआईपीपी और स्वामी विवेकानंद केंद्र, यूआईईटी के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा के 45 प्रतिनिधि यूएचवी के सिद्धांतों और सार्वभौमिक खुशी को बढ़ावा देने में उनकी भूमिका का पता लगाने के लिए एक साथ आए हैं।
कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि प्रोफेसर संजय कौशिक ने किया, जिन्होंने शिक्षा और समाज में सार्वभौमिक मानवीय मूल्यों को एकीकृत करने के लिए चल रहे प्रयासों की सराहना की। कार्यशाला समन्वयक प्रोफेसर शंकर सहगल ने अपने स्वागत भाषण में यूएचवी और सार्वभौमिक खुशी के बीच मजबूत संबंध पर जोर दिया और व्यक्तिगत और पेशेवर जीवन दोनों में इसके महत्व को रेखांकित किया।
उद्घाटन समारोह में प्रोफेसर शिवानी शर्मा, प्रोफेसर संजीव पुरी और प्रोफेसर दीपक कुमार गुप्ता सहित कई प्रतिष्ठित वक्ताओं ने भाग लिया, जिन्होंने सामंजस्यपूर्ण और नैतिक समाज को आकार देने में यूएचवी के महत्व के बारे में अपने विचार साझा किए। इसके अतिरिक्त, एआईसीटीई की डॉ. प्रिया दर्शनी, संसाधन व्यक्ति ने रोजमर्रा की जिंदगी में यूएचवी अवधारणाओं के व्यावहारिक कार्यान्वयन पर एक इंटरैक्टिव सत्र का नेतृत्व किया।
संकाय सदस्यों, कर्मचारियों और छात्रों ने इस पहल की सराहना करते हुए चर्चाओं में सक्रिय रूप से भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य सार्वभौमिक मानव मूल्यों की समझ को गहरा करना है, समग्र शिक्षा और नैतिक नेतृत्व के लिए पंजाब विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को मजबूत करना है। आज का कार्यक्रम डॉ. गरिमा जोशी के धन्यवाद ज्ञापन के साथ संपन्न हुआ।