जीरा (फिरोजपुर), 24 अक्टूबर:- पंजाब राज्य मानवाधिकार आयोग के सदस्य और पद्मश्री से सम्मानित जतिंदर सिंह शंटी ने फिरोजपुर जिले के जीरा का दौरा किया और जन कल्याण भवन में जनसुनवाई की। यह दौरा मानवाधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और लोगों को अपनी शिकायतें रखने के लिए मंच उपलब्ध कराने की आयोग की पहल का हिस्सा था।

आयोग पूरे पंजाब में पहुंच बनाकर गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ), वरिष्ठ नागरिकों, वकीलों, डॉक्टरों, विद्यार्थियों, व्यापारियों और विभिन्न संस्थानों के प्रमुखों से बातचीत कर रहा है, ताकि मानवाधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सके और लोगों की समस्याओं का समाधान किया जा सके।

शंटी ने कहा कि अस्पताल मरीजों को बंधक नहीं बना सकते और न ही मृत व्यक्तियों के शव सौंपने से इनकार कर सकते हैं। ऐसे कृत्य मानवाधिकारों का उल्लंघन हैं और इनके मामले में एफआईआर दर्ज होने के साथ सख्त कार्रवाई हो सकती है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक अस्पताल में शवगृह और एम्बुलेंस की सुविधा होनी चाहिए।

जनसुनवाई के दौरान पुलिस, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी (डीडीपीओ), स्वास्थ्य विभाग और नगर परिषद से संबंधित शिकायतें सुनी गईं तथा उचित कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए।

पंजाब राज्य मानवाधिकार आयोग ने प्रत्येक जिले में सामाजिक कार्यकर्ताओं, वकीलों और विशेषज्ञों को शामिल करते हुए कोर ग्रुप गठित किए हैं। ये समूह मानवाधिकारों के उल्लंघन पर नजर रखेंगे और छोटी शिकायतों के स्थानीय स्तर पर समाधान में मदद करेंगे। लोगों की शिकायतें दर्ज करने के लिए व्हाट्सऐप हेल्पलाइन 98554-75547 चौबीसों घंटे उपलब्ध है।

शंटी ने दोहराया कि कोई भी अस्पताल इलाज का बिल अदा न किए जाने के आधार पर मृत व्यक्ति का शव सौंपने से इनकार नहीं कर सकता। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों की एक प्रति मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) को दी गई है और सभी अस्पतालों को निर्देशों की जानकारी देने वाले पोस्टर प्रदर्शित करने के लिए कहा गया है। निर्देशों का उल्लंघन करने पर एफआईआर दर्ज हो सकती है।

उन्होंने आगे कहा कि स्थानीय निवासियों की शिकायतों को नजरअंदाज करना और हाउसिंग सोसायटियों द्वारा अपने वादे पूरे न करना भी मानवाधिकारों का उल्लंघन हो सकता है। आयोग ऐसे मामलों में स्वतः संज्ञान ले सकता है।

शंटी ने नशा विरोधी अभियान और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान सहायता प्रदान करने वाले एनजीओ तथा स्वयंसेवकों के कार्यों की सराहना की।

इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त (सामान्य) डॉ. अमनदीप कौर, जीरा के एसडीएम सूरज, राज्य कोर कमेटी के सदस्य भोला सिंह विर्क, एसपी (एच) बलजीत सिंह, जीरा के तहसीलदार विनोद कुमार, मखू के नायब तहसीलदार परमपाल सिंह तथा कोर ग्रुप के सदस्य गुरनाम सिद्धू, नरिंदर सिंह केसार, अमरजीत कौर छाबड़ा, बाबा सतनाम सिंह वल्लियां, गुरनूर बराड़, अमन मौंगा, रामनदीप कौर और तोता सिंह उपस्थित थे। इनके अलावा एनजीओ के प्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद रहे।