चंडीगढ़, 5 जून - पंजाब सरकार ने इस साल धान की बुआई का काम तीन चरणों में शुरू करने का फैसला किया था। इसके तहत आज 5 जून से गुरदासपुर, पठानकोट, तरनतारन, अमृतसर, रूपनगर, एसएएस नगर (मोहाली), फतेहगढ़ साहिब और होशियारपुर में धान की बुआई का काम शुरू हो रहा है। 
वहीं, किसानों ने भी अभी से जोरों पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। साथ ही, किसानों को तीन चरणों में बिजली आपूर्ति मिलने के कारण किसानों ने आज से ही कद्दू लगाकर खेतों को भी तैयार कर लिया है। गौरतलब है कि धान की बुआई 1 जून रविवार से शुरू हो गई थी। 
आपको बता दें कि इस बार पंजाब में धान की बुआई पिछले साल के मुकाबले 10 दिन पहले शुरू हो गई, जिसके लिए किसानों ने जरूरी इंतजाम भी कर लिए हैं। हालांकि, राज्य में धान की सीधी बिजाई का सिलसिला 15 मई से शुरू हो गया है, जो 31 जुलाई तक जारी रहेगा। पिछले साल पर नजर डालें तो धान की बिजाई 11 जून से शुरू हो गई थी।

पंजाब को बिजाई के लिए तीन जोन में बांटा
राज्य सरकार ने धान की बिजाई के लिए पंजाब को तीन जोन में बांटा है और इसकी शुरुआत सीमावर्ती और नहरी इलाकों से की है। इसलिए एक जून को अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे फरीदकोट, बठिंडा, फिरोजपुर, श्री मुक्तसर साहिब और फाजिल्का में सबसे पहले धान की बिजाई शुरू हुई।
 इसके बाद 5 जून से गुरदासपुर, पठानकोट, तरनतारन, अमृतसर, रूपनगर, एसएएस नगर (मोहाली), फतेहगढ़ साहिब और होशियारपुर में बिजाई शुरू होगी, जबकि आखिर में 9 जून से लुधियाना, मलेरकोटला, मानसा, मोगा, पटियाला, संगरूर, बरनाला, कपूरथला, जालंधर और शहीद भगत सिंह नगर में बिजाई शुरू होगी।
बिना किसी परेशानी के रोजाना 8 घंटे मिलेगी बिजली सप्लाई
बिजली विभाग ने पंजाब में धान की बिजाई के दौरान रोजाना 8 घंटे बिजली सप्लाई देने का फैसला किया है और जरूरत पड़ने पर समय बढ़ाया भी जा सकता है। इस बार भीषण गर्मी और धान के सीजन में लोगों को बिजली मुहैया कराना पावरकॉम के लिए परीक्षा की घड़ी होगी। 
राज्य में बिजली की मांग आज दोपहर करीब 11 हजार मेगावाट दर्ज की गई है, जो दोपहर बाद मौसम में आए बदलाव के कारण घटकर 7 से 8 हजार मेगावाट रह गई है।