हिसार:- ओशो ध्यान उपवन में 22 मार्च को ओशो संबोधि दिवस उत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। प्रात: 8 बजे से दोपहर 2.30 बजे तक चलने वाले इस उत्सव में विभिन्न सत्र रहेंगे और साधकों के लिए दोपहर को लंगर प्रसाद की व्यवस्था भी रहेगी। ओशो संबोधि दिवस उत्सव के आयोजक स्वामी संजय व मां सांची ने बताया कि सतगुरु ओशो ने ध्यान का महत्व समझाते हुए समस्त मानवता को ध्यान की सरल विधियों से रूबरू करवाया। उन्होंने कहा कि दरअसल ओशो संबोधि दिवस साधकों के लिए ध्यान, मौन, जागृति एवं ओशो के प्रेम व करुणा के प्रति समर्पित है। यह दिवस मनुष्य को आत्म साक्षात्कार के लिए प्रेरित करता है।
  स्वामी संजय ने बताया कि ओशो संबोधि दिवस उत्सव के लिए सिरसा रोड स्थित ओशो ध्यान उपवन को लडिय़ों व रंगीन गुब्बारों से सजाया जा रहा है। इस उत्सव की तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो गई हैं। इसमें विभिन्न क्षेत्रों से काफी संख्या में साधक बढ़-चढक़र हिस्सा लेंगे। हिसार से बाहर से आने वाले साधकों के लिए आवास व भोजन की समुचित व्यवस्था ओशो ध्यान उपवन में ही रहेगी। 
उन्होंने बताया कि साधक इस दिन को अपने भीतर की चेतना को जगाने और ओशो के मार्गदर्शन को याद करने के लिए मनाते हैं। यह दिवस भ्रांति से बाहर निकलकर यथार्थ को देखने की याद दिलाता है। उन्होंने बताया कि ओशो संबोधि दिवस पर देशभर में ही नहीं बल्कि दुनियाभर के ओशो से जुड़े ध्यान केंद्रों व आश्रमों में विशेष शिविर व उत्सव आयोजित किए जाते हैं।
  स्वामी संजय ने बताया कि 22 मार्च को साधकों को ओशो के संचित प्रवचन सुनने का भी अवसर मिलेगा। इसके साथ ही ध्यान का अभ्यास करवाया जाएगा और साधकों को नृत्य करने का भी मौका मिलेगा। उन्होंने बताया कि उत्सव में शिरकत करने वाले साधक ओशो ध्यान उपवन के प्राकृतिक व हरियाले वातावरण में घूमने का भी लाभ उठा पाएंगे। 
उन्होंने कहा कि ओशो ध्यान उपवन साधकों के मार्गदर्शन व उनके हितों के प्रति समर्पित है। इसलिए यहां नियमित रूप से ध्यान सत्र व ध्यान शिविर आयोजित किए जाते हैं। इनमें कोई भी साधक हिस्सा लेकर ध्यान विधियों का अभ्यास कर सकता है।