हरियाणा/हिसार:- भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक राष्ट्र है। यहां लोकतंत्र केवल शासन प्रणाली नहीं, बल्कि जनभागीदारी और जनकल्याण का सशक्त माध्यम है। समय के साथ लोकतंत्र को और अधिक प्रभावी, व्यावहारिक तथा विकासोन्मुखी बनाने की आवश्यकता निरंतर महसूस की जाती रही है। इसी दिशा में “एक देश, एक चुनाव” की अवधारणा वर्तमान समय की सबसे महत्वपूर्ण और दूरदर्शी सुधारात्मक पहल है।
वरिष्ठ भाजपा नेता एवं प्रदेश टोली सदस्य अनिल शर्मा (तोशाम) ने कहा कि बार-बार होने वाले लोकसभा, विधानसभा, नगर निकाय एवं पंचायत चुनावों के कारण देश का प्रशासनिक ढांचा लगातार चुनावी प्रक्रिया में उलझा रहता है। इससे न केवल सरकारी कामकाज प्रभावित होता है, बल्कि विकास योजनाओं की गति भी धीमी पड़ जाती है। एक देश, एक चुनाव लागू होने से देश को इस समस्या से स्थायी राहत मिलेगी।
उन्होंने कहा कि चुनावों पर होने वाला हजारों करोड़ रुपये का खर्च देश की अर्थव्यवस्था पर अतिरिक्त बोझ डालता है। यदि सभी चुनाव एक साथ हों, तो यह राशि शिक्षा, स्वास्थ्य, किसानों के कल्याण, युवाओं के रोजगार और बुनियादी ढांचे के विकास में लगाई जा सकती है। इससे जनता को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचेगा।
अनिल शर्मा ने कहा कि बार-बार आदर्श आचार संहिता लागू होने से सरकारें नीति निर्धारण और निर्णय लेने में सीमित हो जाती हैं। विकास कार्यों की फाइलें रुक जाती हैं और योजनाओं का क्रियान्वयन बाधित होता है। एक देश, एक चुनाव से सरकारें पूरे कार्यकाल में निर्बाध रूप से जनता के लिए काम कर सकेंगी।
उन्होंने यह भी कहा कि निरंतर चुनावी माहौल देश की राजनीति को मुद्दों से भटकाकर केवल चुनाव-केंद्रित बना देता है। इससे समाज में अनावश्यक तनाव, जातीय और क्षेत्रीय विभाजन बढ़ता है। एक साथ चुनाव होने से राजनीतिक स्थिरता आएगी और जनप्रतिनिधि राष्ट्र निर्माण पर अधिक ध्यान दे सकेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी नेतृत्व क्षमता की सराहना करते हुए अनिल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री ने हमेशा देश को दीर्घकालिक लाभ पहुंचाने वाले निर्णय लिए हैं। सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र पर चलते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने भारत को निर्णायक नेतृत्व प्रदान किया है। एक देश, एक चुनाव उसी मजबूत और विकसित भारत की परिकल्पना का हिस्सा है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकतंत्र को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और तकनीक-सक्षम बनाया है। डिजिटल इंडिया, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर, जीएसटी और अब चुनाव सुधार जैसी पहलें देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का कार्य कर रही हैं।
अनिल शर्मा ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सैनी के नेतृत्व में हरियाणा में सुशासन की नई मिसाल कायम हो रही है। प्रदेश में पारदर्शिता, भ्रष्टाचार पर नियंत्रण, किसानों, युवाओं और गरीब वर्ग के कल्याण के लिए ठोस निर्णय लिए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सैनी केंद्र सरकार की योजनाओं को प्रभावी ढंग से जमीन पर उतार रहे हैं। चाहे किसान सम्मान निधि हो, आयुष्मान भारत योजना हो या गरीब कल्याण से जुड़ी योजनाएं, हरियाणा में इनका लाभ पात्र व्यक्ति तक पहुंच रहा है। इससे जनता का विश्वास सरकार पर और मजबूत हुआ है।
अनिल शर्मा ने कहा कि एक देश, एक चुनाव लागू होने से प्रशासनिक मशीनरी बार-बार चुनाव ड्यूटी में नहीं उलझेगी। इससे पुलिस, शिक्षक और अन्य सरकारी कर्मचारी अपने मूल दायित्वों का बेहतर ढंग से निर्वहन कर सकेंगे। शासन व्यवस्था अधिक चुस्त-दुरुस्त बनेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि इससे राष्ट्रीय सुरक्षा और आंतरिक शांति को भी बल मिलेगा। चुनावों के दौरान सुरक्षा बलों पर पड़ने वाला दबाव कम होगा और देश की सुरक्षा व्यवस्थाएं और अधिक सुदृढ़ होंगी।
अंत में अनिल शर्मा ने कहा कि आज देश एक निर्णायक दौर से गुजर रहा है। विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए राजनीतिक स्थिरता, प्रशासनिक दक्षता और आर्थिक मजबूती आवश्यक है। एक देश, एक चुनाव इस दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है, जिसे पूरे देश को समर्थन देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में भारत और हरियाणा विकास, सुशासन और आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से अग्रसर हैं। यह पहल आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मजबूत, स्थिर और विकसित भारत की नींव रखेगी।
एक देश एक चुनाव सशक्त लोकतंत्र तेज़ विकास और मजबूत भारत की आधारशिला अनिल शर्मा तोशाम
