चंडीगढ़ 19 दिसंबर, 2023 - पंजाब विश्वविद्यालय के सामुदायिक शिक्षा और विकलांगता अध्ययन विभाग ने भारतीय पुनर्वास परिषद (आरसीआई) नई दिल्ली के सहयोग से 'विशिष्ट शिक्षण विकलांगता का आकलन और निदान' विषय पर राष्ट्रीय स्तर के ऑनलाइन सतत पुनर्वास शिक्षा (सीआरई) कार्यक्रम का आयोजन किया। )
स्वागत भाषण विभाग के अध्यक्ष डॉ. मोहम्मद सैफुर रहमान द्वारा दिया गया। डॉ. रहमान ने कहा कि प्रत्येक बच्चे में सीखने की क्षमता होती है, लेकिन केवल उनके जीवन के शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक विकास के विभिन्न तरीकों में इसकी अभिव्यक्ति की पहचान करने की आवश्यकता है। कार्यक्रम के संसाधन व्यक्ति पीजीआईएमईआर के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. कृष्ण कुमार सोनी, प्रोफेसर (डॉ.) नवलीन कौर और श्री नितिन राज (संकाय, सामुदायिक शिक्षा और विकलांगता अध्ययन विभाग) थे।
डॉ. सोनी ने एलडी पहचान के लिए उपकरण सुझाए और बताया कि समावेशी सेटअप में एलडी को कैसे शिक्षित किया जाए।
प्रोफेसर नवलीन कौर ने समावेशी वातावरण में सीखने में अक्षम बच्चों को शिक्षित करने के लिए मूल्यांकन की भूमिका के बारे में बताया और श्री नितिन राज ने सीखने की विकलांगता के मूल्यांकन में प्रौद्योगिकी की भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किए और डिस्लेक्सिक बच्चे पर एक केस अध्ययन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में भारत के कोने-कोने और अमेरिका से भी प्रतिभागी शामिल हुए। धन्यवाद ज्ञापन प्रोफेसर डेज़ी ज़राबी द्वारा प्रस्तुत किया गया
