पटियाला- पंजाब वेतनमान बहाली संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर 17 जुलाई 2025 को पंजाब भर के सभी कर्मचारी संगठनों के सहयोग से 17 जुलाई को काला दिवस के रूप में पंजाब भर के सभी जिलों व ब्लॉकों, कार्यालयों, स्कूलों, ड्यूटी स्थलों पर काले बिल्ले, काली पट्टियाँ लगाकर मनाया गया और अधूरे वेतनमानों की प्रतियां भी जलाई गईं।
इस दिन को काला दिवस के रूप में मनाते हुए मोर्चा नेताओं ने कहा कि पिछली सरकार द्वारा 17 जुलाई 2020 को यह घातक अधिसूचना लागू की गई थी और उस समय विपक्ष की भूमिका निभा रही आम आदमी पार्टी सरकार ने इस घातक अधिसूचना का विरोध किया था और सत्ता में आते ही सबसे पहले पंजाब वेतनमान बहाल करने और प्रोबेशन अवधि कम करने की गारंटी दी थी, जो 3 साल बाद भी पूरी नहीं की गई। इसके अलावा, राज्य कमेटी ने यह भी मांग की कि विभिन्न विभागों में कर्मचारियों के पक्ष में अब तक सरकार, उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए गए फैसलों को सभी पर लागू किया जाए (सामान्यीकृत)।
आज के कार्यक्रम के बारे में नेताओं ने कहा कि यह कर्मचारियों का अपनी ड्यूटी करते हुए अब तक का सबसे बड़ा और सफल कार्यक्रम है, जो सरकार के खिलाफ है, जिससे सरकार को यह समझना चाहिए कि अगर विभिन्न विभागों के सभी कर्मचारियों और पंजाब वेतनमान को बहाल नहीं किया गया, तो आने वाले 2027 के विधानसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी को कितना बड़ा नुकसान होगा, यह उनसे बेहतर कोई नहीं जानता कि कर्मचारी एकता क्या होती है।
नेताओं ने सरकार को इतने कम वेतन पर काम करने के लिए मजबूर कर दिया है, जिससे मानसिक तनाव और अन्य पारिवारिक जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो गया है। घर से 150 से 250 किलोमीटर दूर ड्यूटी करना और हर महीने 15000 से 20000 कम वेतन प्राप्त करना कहां का न्याय है।
नेताओं ने स्पष्ट किया कि इस कार्रवाई के बाद, अगस्त में एक राज्य स्तरीय रैली भी की जाएगी जिसमें हजारों कर्मचारी भाग लेंगे। उस समय आरती बाली, हनीफ खान, करमदीप सिंह चहल, चरणजीत कौर खैरा, किरणदीप कौर और सुनील कुमावती, विजय निभीवाल, विजय सिंह, नवनीत कौर, संदीप कौर सिद्धू, सुखविंदर कौर, रोहित आदि सभी मौजूद थे।
पंजाब वेतनमान बहाली संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर 17 जुलाई 2020 के बाद भर्ती हुए कर्मचारियों के लिए पंजाब के सभी कर्मचारियों द्वारा जगह-जगह काला दिवस मनाया गया।
