हिसार:- ओ०बी०सी० बीगेड, हरियाणा की हिसार यूनिट द्वारा आज हिर्ता का बैठक आयोजन किया गया। इस प्रेस वार्ता में कर्ण सिंह रानोलिया, अनुशासन कमेटी के चेयरमैन बैठक में कि ओ०बी०सी० बीगेड, हरियाणा ओ०बी०सी० समाज के युवाओं के साथ एव०पी०एस०सी०, हरियाणा द्वारा किए जा रहे अत्याचार के विरुद्ध एक रथ यात्रा दिनांक 25.04 से शुरु की जाएगी। ओ०बी०सी समाज के इन युवाओं ने अपना आंदोलन पंचकूला में लगातार जारी है। हमारे बार-बार प्रयास के बावजूद हरियाणा सरकार हमारे किसी भी मांग पर विचार नहीं कर रही है।
आज की प्रेस वार्ता के माध्यम से हम हरियाणा के ओ०बी०सी० समाज को यह संदेश देना चाहते हैं भारतीय जनता पार्टी ने पिछले विधानसभा चुनाव से पहले ओ०बी०सी० समाज से यह वादा किया था ओ० बी० सी० समाज यदि इस चुनाव में यदि भारतीय जनता पार्टी को भारी मत देकर यदि सरकार बनाने में अपना भरपूर योगदान करता है तो सरकार की पहली कलम से ओ०बी०सी० को प्रथम श्रेणी द्वितीय श्रेणी की नौकरियों में 15 प्रतिशत की जगह मण्डल आयोग तथा माननीय उच्चतम न्यायालय के फैसले के अनुसार 27 प्रतिशत को प्रावधान मुख्यमंत्री सैनी जितने के बाद पहली कलम से 27 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान इस समाज के लिए कर देंगें। लेकिन आज एक वर्ष से भी ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी उन्होंने उच्च वर्गों के दबाव में आकर अपने वादे को नहीं निभाया।
ओ०बी०सी० ब्रिगेड के प्रदेश महासचिव डा० एस० के० बागोरिया ने प्रेस को संबोधित करते हुए बताया कि जल्द ही हरियाणा प्रदेश की एक रिक्त सीट के लिए प्रदेश की सभी पार्टियों द्वारा टिकटों का वितरण किया जाएगा। इसे बारे में प्रदेश क सभी राजनीतिक दलों से निवेदन है कि इस बार राज्य सभा की इस सीट के लिए ओ०बी०सी० समाज के ही किसी व्यक्ति को ही इस राज्य सभा सीट के लिए अपने अपने दलों का टिकट दिया जाए। ओ०बी०सी० समाज को सभी राजनीतिक दल नजरअंदाज करते आए है।
जिस भारतीय जनता पार्टी की सरकार को ओ०बी०सी० समाज ने भारी समर्थन देकर तीसरी बार जितवाया है उस पार्टी की सरकार जानबूझकर ओ०बी०सी० समाज की किसी भी वाजिब मांग पर विचार नहीं कर रही है। जबकि सभी दलों को मालूम है कि भारत के संविधान के प्रावधानों के अनुसार इस समाज के व्यक्ति का वोट भी अन्य समाजों के व्यक्तियों के बराबर है जबकि सभी दलों द्वारा किसी भी चुनाव में दबंग जातियों को ही अपनी पार्टी का टिकट दिया जाता है। ओ०बी०सी० समाज को भाजपा ने ही नहीं कांग्रेस भी सन् 1947 को देश आजाद होने के बाद से लगातार हाशिए पर छोड़कर हमेशा छलती आई है।
यह भी स्पष्ट किया जाता है कि देश की आजादी के बाद आदरणीय डा० बी०आर० अम्बेडकर जी द्वारा ओ०बी०सी० समाज के लिए संविधान की धारा 340 के तहत इस समाज को सभी प्रकार की नौकरियों तथा राजनीतिक आरक्षण प्रदान करने का प्रावधान किया था लेकिन कांग्रेस पार्टी की आजादी के बाद बनी विभिन्न सरकारों ने इस समाज को नौकरियों तथा राजनीतिक आरक्षण देने की कोई पहल नहीं की। भारत के प्रथम प्रधान मंत्री पं० जवाहर लाल नेहरू जी की सरकार ने 29 जनवरी 1953 को काका कालेलकर आयोग का गठन किया गया तथा 30 मार्च 1955 को काका कालेलकर आयोग ने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी थी।
लेकिन कांग्रेस की विभिन्न सरकारों ने समाज के उच्च वर्गों के दबाव के कारण इस आयोग की रिपोर्ट को कभी लागू नहीं किया। इसके बाद जनता पार्टी की सरकार ने 01 जनवरी 1979 को मण्डल आयोग का गठन किया। इस आयोग न 31 दिसम्बर 1980 में अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी थी। लेकिन आने वाली किसी भी कांग्रेस सरकार ने इस रिपोर्ट को लागू नहीं किया। अन्ततः माननीय वी०पी० सिंह सरकार ने अगस्त 1990 में इस रिपोर्ट को लागू कर दिया। लेकिन उस समय की भजन लाल सरकार ने इसे काफी देरी से लागू किया।
लेकिन उस समय की इस कांग्रेस सरकार ने इसे पूर्णतः लागू नहीं किया। उसके बाद माननीय भूपेंद्र हुडा की कांग्रेस सरकार ने भी माननीय उच्चतम न्यायालय के इंदिरा साहनी केस के आदेश को सरकार ने भी उच्च जातियों के दबाव में आकर इस आदेश को लागू नहीं किया। उसके बाद कांग्रेस बार बार भाजपा पर आरोप लगाकर जाति गणना का राग अलापती है लेकिन उन्होंने अपने 2005 से 2014 के कार्यकाल में जाति गणना नहीं करवाई।
इस प्रकार कांग्रेस सरकार के लगभग पांच देशों के शासन काल में ओ०बी०सी० समाज के लिए कोई महत्वपूर्ण योगदान नहीं किया केवल इस समाज को बहला फुसला कर विभिन्न पार्टियों की तरह वोट हासिल करती रही। लेकिन सता में आने के उपरान्त सरकार सता के नशे में मदहोश हो कर इस समाज के प्रति उच्च वर्गों के दबाव के कारण धोरणात्मक रवैया बरकरार रखती रही। यह कार्यप्रणाली देश की आजादी के बाद लगभग सभी मुख्य दलों की रही है।
कोई भी दल इसमें अछूता नहीं है। अतः ओ०बी०सी० बीगेड हरियाणा सभी दलों से यह मांग करती है कि इस बार राज्यसभा की इस सीट की टिकट किसी भी ओ० बी० सी० समाज के व्यक्ति को देने का कट करें अन्यथा ओ०बी०सी० समाज तथा ओ०बी०सी० बीगेड आने वाले किसी भी चुनाव में उस पार्टी को अपना वोट नहीं देगी जो भी राजनीतिक दल इस समाज को टिकट ना देकर इस समाज को समाज की में शामिल करने की प्रक्रिया में अपना योगदान शून्य रहता है।
ओ०बी०सी० बीगेड की इकाई के प्रधान श्री गुलाब सिंह धीमान ने बताया कि एच०पी०एस०सी द्वारा ओ०बी०सी० समाज के अभ्यर्थियों के साथ मौजूदा सरकार तथा समाज के उच्च वग्रों के दबाव में आकर लगातार भेदभाव किया जा रहा है। बेवजह बेतुकी शतं लाद कर ओ०बी०सी० समाज के अभ्यर्थियों को नोट फाउंड सूटेबल बता कर रिजेक्ट किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री रौनी महोदय से इरा समाज द्वारा समाज की मांगों के बारे लगातार गुहार लगाई जा रही है लेकिन ओ०बी०सी० समाज के लिए धर्मशालाओं में चंदा देने के अतिरिक्त उनके पास कोई समय व प्राथमिकता नहीं है।
इसी प्रकार एच० के०आर०एन० के कर्मचारी जो कि ज्यादातर अनुसूचित जाति व ओ०बी०सी० समाज से सम्बन्ध रखते है को सरकार द्वारा चुन-चुन कर नौकरी से निकाला जा रहा है। इस मामले में कोई भी मंत्री या माननीय मुख्यमंत्री उनकी तरफ ध्यान नहीं दे रहा है तथा उनकी सुनवाई नहीं की जा रही है। । एच०के०आर०एन० में कार्यरत इन ज्यादातर बच्चों की इस नौकरी के की वजह से शादियां हो चुकी है जबकि नौकरी से निकालने के कारण टूट के कगार पर हैं।
इसलिए हमारो मौजूदा भारतीय जनता पार्टी की सरकार से निवेदन है श्री करण सिंह रानोलिया, डा. श्रीकृष्ण भगोरिया, गुलाब सिंह धीमान, श्री जोनी सोखल, श्री बलवंत सिंह सिंह और, श्री मामन राम मलेठिया, श्री बलवंत सिंह जोगी, श्री रामजीलाल सुथार, श्री नानक देव रानोलिया, श्री दयानन्द, श्री बलबीर सिंह बागरी, श्री जयसिंह मालवाल मौजूद।
ओ०बी०सी० बीगेड हरियाणा ओ०बी०सी० समाज के युवाओं के साथ एव०पी०एस०सी० हरियाणा द्वारा किए जा रहे अत्याचार के विरुद्ध एक रथ यात्रा दिनांक 2504 से शुरु की जाएगी
