चंडीगढ़:- आम आदमी पार्टी, चंडीगढ़ के अध्यक्ष विजयपाल सिंह ने रायपुर कलां (मक्खन माजरा क्षेत्र) स्थित गौशाला में बड़ी संख्या में गायों और बछड़ों की मौत पर गहरा दुख और आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने बताया कि जैसे ही उन्हें इस गंभीर घटना की जानकारी मिली, उन्होंने अपने सभी व्यक्तिगत कार्यक्रम तत्काल स्थगित कर दिए। यहां तक कि उनका पूर्व-निर्धारित डॉक्टर अपॉइंटमेंट भी उन्होंने गौ-सेवा को प्राथमिकता देते हुए रद्द कर दिया और तुरंत गौशाला पहुँचे।

गौशाला में मौके पर पहुँचकर उन्होंने देखा कि अब तक अनेकों गायों और बछड़ों की मौत हो चुकी है। कई मृत गायों की आँखें निकली हुई थीं और शरीर के अंग गायब थे, जो न केवल प्रशासन की घोर लापरवाही बल्कि अमानवीय संवेदनहीनता को भी उजागर करता है।

इस दौरान आम आदमी पार्टी के बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और नेता भी मौके पर पहुँचे, जिनमें एससी सेल के प्रधान देसराज सनावर, विजय, माइनॉरिटी सेल से शादाब राठी, पार्षद प्रेमलता, तथा वार्ड 8 से सतपाल जी शामिल थे। गौशाला परिसर में बीजेपी मेयर और बीजेपी-शासित प्रशासन के खिलाफ ज़ोरदार नारेबाज़ी की गई 
“बीजेपी मेयर मुर्दाबाद”, “बीजेपी प्रशासन मुर्दाबाद”।

सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि विजयपाल सिंह तीन घंटे से अधिक समय तक गौशाला में मौजूद रहे, लेकिन बार-बार आग्रह करने के बावजूद एक भी पशु चिकित्सक गायों की स्थिति देखने नहीं पहुँचा। उन्होंने बताया कि यह दृश्य उनके लिए बेहद पीड़ादायक था, जब मृत गायों को क्रेन से उठाकर बड़े गड्ढों में डाला जा रहा था।

उन्होंने यह भी खुलासा किया कि गौशाला में विशेष सैनिटेशन प्लांट, जो गैस से संचालित होता है और हाल ही में नया लगाया गया था, वह भी खराब पड़ा है। इतना ही नहीं, उससे जुड़े गैस सिलेंडर तक बाहर बेच दिए गए,  और ज्ञात हुआ की 27 गौ सेवाकों की भर्तीयां हुई थीं, वे सब कहाँ थे या सिर्फ कागज़ पर ही थे? जो खुले भ्रष्टाचार और घोर लापरवाही का स्पष्ट प्रमाण है।

विजयपाल सिंह ने याद दिलाया कि मालोया में कुछ समय पहले 8 गौ-माताओं की मौत बिजली का करंट लगने से हुई थी, लेकिन उस घटना से भी प्रशासन ने कोई सबक नहीं लिया, जिसका नतीजा आज इतनी बड़ी त्रासदी के रूप में सामने है।

उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी मेयर हरप्रीत कौर बबला घटना स्थल से भागती हुई नजर आईं और इतनी बड़ी घटना की जिम्मेदारी लेने के बजाय भीड़ से बचती दिखीं। उन्होंने कहा कि जब इतनी बड़ी संख्या में गायों की मौत हुई, तो जिम्मेदारी लेने की बात तो दूर, प्रशासन ने संवेदनशीलता तक नहीं दिखाई।

विजयपाल सिंह ने गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि यह घटना पूरी रात चलती रही, फिर भी किसी अधिकारी को इसकी भनक कैसे नहीं लगी?
गौशाला के सीसीटीवी कैमरे कहाँ थे?
रात की ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा कर्मी कहाँ थे?

उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह कोई साधारण चूक नहीं, बल्कि पूरी सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी की पूर्ण विफलता है।

बीजेपी सरकार पर सीधा हमला करते हुए उन्होंने कहा कि यह सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि गौ-सेवा के नाम पर जनता के पैसों का खुला घोटाला है।
उन्होंने कहा कि मनिमाजरा 24×7 पानी परियोजना, मनिमाजरा ज़मीन घोटाला और अब गौशाला कांड यह सब साबित करता है कि बीजेपी की यह सरकार घोटालों की सरकार बन चुकी है और यह चंडीगढ़ की अब तक की सबसे भ्रष्ट बीजेपी-मेयर सरकार है।

उन्होंने याद दिलाया कि रायपुर कलां गौशाला का उद्घाटन मई 2023 में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा किया गया था, और इसे मॉडल गौशाला के रूप में प्रचारित किया गया था। जिस गौशाला की क्षमता लगभग 1,000 गायों की है और जिस पर ₹6.4 करोड़ खर्च किए गए, वही गौशाला आज त्रासदी का प्रतीक बन चुकी है।

काऊ सेस (गौ-कल्याण कर) को लेकर भी उन्होंने गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2022–23 में नगर निगम द्वारा लगभग ₹20.25 करोड़ काऊ सेस वसूला गया, जबकि वित्तीय वर्ष 2024–25 में यह लगभग ₹2.89 करोड़ रहने का अनुमान है, वहीं वार्षिक गौ-कल्याण खर्च करीब ₹12.64 करोड़ बताया जाता है।

उन्होंने पूछा कि जब गौ-सेवा के नाम पर इतने करोड़ रुपये वसूले गए, तो वह पैसा गया कहाँ? क्योंकि ज़मीन पर न तो पर्याप्त चारा दिखा, न चिकित्सा व्यवस्था और न ही निगरानी  बल्कि केवल गायों की लाशें दिखाई दीं, जो सिस्टम की पूरी विफलता का प्रमाण हैं।

विजयपाल सिंह ने बीजेपी और उसके स्थानीय नेताओं पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि गौ-सेवा के नाम पर केवल दिखावा और राजनीति की गई, जबकि वास्तविकता में गायें भूख, बीमारी और लापरवाही से मरती रहीं।

आम आदमी पार्टी की मांग है कि इस पूरे मामले की तत्काल स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच हो, काऊ सेस और गौशाला परियोजना का पूर्ण ऑडिट सार्वजनिक किया जाए और जिन अधिकारियों व एजेंसियों की लापरवाही से इतनी बड़ी संख्या में गायों की मौत हुई, उन पर कड़ी कार्रवाई की जाए।

विजयपाल सिंह ने तीखे शब्दों में कहा
“बीजेपी के नेता म्युनिसिपल हाउस में वंदे मातरम् गाते हैं,
लेकिन उसी वंदे मातरम् के नाम पर
चंडीगढ़ की ज़मीन का कूड़ा टिपरों में भर-भर कर पंजाब में फेंका जा रहा है।

ये वही बीजेपी है,
जो वंदे मातरम् का नारा भी चुराती है,
ज़मीन का कूड़ा भी चुराती है,
गौ-माताओं की जान भी लेती है
और गौ-माता के चारे तक की चोरी करती है।

बीजेपी के लिए वंदे मातरम् सिर्फ़ नारा है,
गौ-सेवा सिर्फ़ दिखावा है, और जनता का पैसा सिर्फ़ लूट का साधन।

यह सरकार वंदे मातरम्, कूड़ा, गौ-हत्या और गौ-चारे 
हर चीज़ में चोरी की सरकार बन चुकी है।”

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने तुरंत ठोस कदम नहीं उठाए, तो यह मुद्दा सड़क से लेकर और अदालत तक उठाया जाएगा।
उन्होंने कहा  “गायें चुप नहीं रह सकतीं, और आम आदमी पार्टी उनकी आवाज़ बनेगी।”