रतिया/फतेहाबाद, 02 दिसंबर:- हाल के दिनों में बिजली बिल के नाम पर साइबर ठगी के मामलों में तेजी आई है। आम नागरिकों को "बकाया बिल" के नाम पर डराकर फर्जी लिंक भेजे जा रहे हैं, जिन पर क्लिक करते ही लोग अपनी मेहनत की कमाई से हाथ धो बैठते हैं। पुलिस अधीक्षक श्री सिद्धांत जैन, आईपीएस ने इस बढ़ती ठगी के मामलों को गंभीरता से लेते हुए जिला स्तर पर नागरिकों को आगाह किया है और एक विशेष साइबर एडवाइजरी जारी की है।
ऐसे हो रही है ठगी:
• लोगों को SMS, व्हाट्सएप या कॉल पर संदेश मिल रहे हैं कि "आपका बिजली बिल लंबित है, आज ही भुगतान करें वरना कनेक्शन काट दिया जाएगा।"
• साथ में एक फर्जी लिंक या मोबाइल नंबर दिया जाता है।
• लिंक पर क्लिक करते ही व्यक्ति नकली वेबसाइट या मालवेयर युक्त एप पर पहुंच जाता है, जो बिजली विभाग की आधिकारिक साइट जैसी दिखती है।
• वहां बैंक डिटेल्स, OTP, UPI पिन आदि भरवाए जाते हैं और ठग खाते से पूरी रकम उड़ा लेते हैं।
पुलिस की एडवाइजरी:
      पुलिस अधीक्षक श्री जैन ने नागरिकों को ठगी से बचाने के लिए निम्न सुझाव जारी किए हैं:
1. कभी भी मोबाइल पर आए लिंक पर क्लिक न करें, भले ही संदेश असली लगे।
2. बिल भुगतान से जुड़ी जानकारी केवल बिजली विभाग की आधिकारिक वेबसाइट/एप (जैसे UPPCL, TNEB, MSEB) से ही लें।
3. कोई भी OTP, डेबिट कार्ड जानकारी, या UPI पिन फोन पर किसी से साझा न करें।
4. यदि ऐसा कोई संदिग्ध मैसेज या कॉल आए तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या निकटतम साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराएं।
विशेष सतर्कता की जरूरत:
         श्री जैन ने बताया कि इस प्रकार की ठगी से सबसे अधिक वरिष्ठ नागरिक, ग्रामीण क्षेत्र के लोग और तकनीकी रूप से कम जानकार लोग प्रभावित हो रहे हैं। इसलिए परिवार के युवा सदस्यों से अपील की गई है कि वे अपने घर के बुजुर्गों और आसपास के लोगों को इस धोखाधड़ी से अवगत कराएं।
जनहित में पुलिस की अपील:
              "साइबर अपराध से बचाव आपकी सजगता में है। किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें। संदिग्ध कॉल, मैसेज या लिंक मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित करें।"