हांसी:- उपायुक्त राहुल नरवाल ने गर्मी के मौसम को देखते हुए जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला के किसी भी घर में पेयजल की कमी नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बढ़ती गर्मी और पानी की मांग को ध्यान में रखते हुए ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों में आवश्यकता अनुसार सेलो ट्यूबवेल लगवाने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए, ताकि आमजन को निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
उपायुक्त ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य है कि जिले के प्रत्येक नागरिक तक पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पेयजल पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में पानी की कमी की संभावना है, वहां प्राथमिकता के आधार पर वैकल्पिक जल स्रोत विकसित किए जाएं और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त ट्यूबवेल भी स्थापित किए जाएं।
 जन स्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता संजीव त्यागी ने बताया कि वर्तमान में शहरी क्षेत्र के जलघर लगभग 85 प्रतिशत तक पानी से भर चुके हैं, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों के जलघरों में में भी पानी पहुंच गया है। उन्होंने बताया कि नहरों में कम दिन पानी चलने के कारण पानी की स्टोरेज प्रभावित हुई है, जिसके चलते कुछ क्षेत्रों में जलापूर्ति पर दबाव बढ़ा है।
इस पर उपायुक्त राहुल नरवाल ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी परिस्थिति में पेयजल आपूर्ति बाधित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जहां आवश्यकता महसूस हो, वहां तुरंत प्रभाव से सेलो ट्यूबवेल लगवाने की कार्यवाही की जाए और जलापूर्ति व्यवस्था की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।
कार्यकारी अभियंता ने बताया कि विभाग द्वारा सेलो ट्यूबवेल लगाने की स्वीकृति लगातार जारी की जा रही हैं। अब तक शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 10 नए ट्यूबवेल लगाने की अनुमति प्रदान की जा चुकी है।
उन्होंने बताया कि हांसी के जींद चुंगी स्थित जलघर में तीन नए सेलो ट्यूबवेल लगाए जाने की अनुमति दी गई है। इसके अतिरिक्त सैनीपुरा, ढाणी पीरवाली, महेंदा, खेड़ी जालब, खेड़ी लोहचब, सोरखी, सिसाय कालीरामण , तथा सिसाय बोलान सहित कई गांवों में सेलो ट्यूबवेल स्थापित करने की स्वीकृति जारी की जा चुकी है।
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पेयजल संबंधी शिकायतों का तुरंत समाधान किया जाए तथा फील्ड में नियमित निरीक्षण कर जलापूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाए रखा जाए, ताकि गर्मी के मौसम में आमजन को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।