हिसार : प्रभु श्रीराम के प्रति समर्पित श्री रामलीला कमेटी कटला का 129वां श्री रामनवमी महोत्सव देव पूजन, मंगला चरण व संकीर्तन के साथ विविधत ढंग से देवी भवन के गोयनका सदन में शुरू हुआ। इस अवसर पर संगीतमय श्रीराम कथा का शुभारंभ करते हुए श्रीधाम वृंदावन से पधारे कथा व्यास भावेश कृष्ण भारद्वाज ने राम चरित्र मानस महिमा से साक्षात्कार करवाया और प्रभु श्रीराम के आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने मंगला चरण, संकीर्तन व श्रीराम कथा के महात्म्य से भी परिचय करवाया। कथा व्यास भावेश कृष्ण भारद्वाज ने कहा कि प्रभु कण-कण में व्याप्त है लेकिन देखने के लिए अलग दृष्टि चाहिए। उन्होंने कहा कि संत बताते हैं कि वो हर जगह मौजूद है लेकिन नजर आता नहीं, प्रेम-भक्ति के बिना कोई उसे पाता नहीं। इसलिए उस प्रभु को देखने के लिए प्रेम और भक्ति रूपी दृष्टि की आवश्यकता है।
    इस अवसर पर श्री रामलीला कमेटी कटला के प्रधान विनोद गुप्ता ने बताया कि 26 मार्च तक प्रतिदिन कथा व्यास भावेश कृष्ण भारद्वाज देवी भवन के गोयनका सदन में दोपहर 3.15 बजे से सायं 7 बजे तक श्रीराम कथा का अमृतपान करवाएंगे। 27 मार्च को भव्य रामनवमी शोभा यात्रा व भंडारे का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि श्रीराम कथा के पहले दिन पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. कमल गुप्ता मुख्यातिथि रहे और उद्योगपति व समाजसेवी कृष्ण कुमार गोरखपुरिया ने अध्यक्षता की। इस दौरान डॉ. प्रतिमा गुप्ता विशेष रूप से मौजूद रही। इस अवसर पर मदनलाल गोयल, सुभाष बंसल, कमल सर्राफ, मनोज बुड़ाकिया, प्रवीन जैन व गगन शर्मा बतौर विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे। प्रथम दिवस प्रतीक बंसल ने परिवार सहित पूजन किया और सुरेश बिंदल ने प्रसादम की व्यवस्था में योगदान दिया। इस दौरान राजेंद्र बंसल, सज्जन गुप्ता, वीरभान बंसल, राजेश शर्मा, अशोक शर्मा, विनोद वर्मा, अश्विनी शर्मा, सुशील गोयल, केशव सिंगल, संजीव शर्मा, अनिल महाजन, प्रेम कश्यप, अजय सिंगल, विनोद अग्रवाल, पितरुमल गोयल, दीनदयाल, ऋषिराज बुड़ाकिया, सोहन सिंगला व विनोद जिंदल सहित काफी संख्या में गणमान्य लोगों ने श्रीराम कथा का श्रवण किया।
    इस अवसर पर श्री रामलीला कमेटी कटला के सचिव ललित गोयल, कोषाध्यक्ष रमेश कुमार लोहिया, उप प्रधान अनूप बिंदल व सह सचिव राजकुमार जैन उपस्थित रहे। इनके साथ ही कार्यकारिणी सदस्य विनोद कंसल, राजेश बंसल, राधेश्याम अग्रवाल, दिनेश जैन, प्रवीन सिंगल व चंद्रभान सोनी विशेष रूप से मौजूद रहे।
  श्रीराम कथा के दौरान कथा व्यास भावेश कृष्ण भारद्वाज ने भगवान से रिश्ता स्थापित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि भगवान को तिलक करने, मुकुट पहनाने या नई पोषाक पहनाने से भक्ति नहीं होगी। यदि सच्ची भक्ति करनी है तो उस प्रभु को जानना होगा और उसके प्रति कोई न कोई रिश्ता बनाना होगा। उन्होंने कहा कि धर्म ग्रंथों का अध्ययन करेंगे तो स्पष्ट हो जाएगा कि किसी ने अपने इष्ट को पति तो किसी ने पुत्र बना लिया और परम पिता परमात्मा तो वे सभी के ही हैं। उन्होंने समझाया कि प्रभु के प्रति प्रेम और प्रगाढ़ रिश्ता रखने से अपने आप सब कुछ सुलभ हो जाएगा।