होशियारपुर- शिरोमणि अकाली दल के नवनियुक्त जिला अध्यक्ष (ग्रामीण) एवं सदस्य कोर कमेटी जत्थेदार लखविंदर सिंह लक्की ने गुरुद्वारा शहीद लधेवाल में माथा टेका। इस अवसर पर उन्हें गुरुद्वारा शहीद लधेवाल के हेड ग्रंथी हरबंस सिंह, भूपिंदर सिंह व अन्य ने गुरुघर के बख्शी सिरोपा से सम्मानित किया।
* इसके बाद जत्थेदार इकबाल सिंह खेड़ा व हरप्रीत सिंह रिंकू बेदी के नेतृत्व में चब्बेवाल व गढ़शंकर के अकाली वर्करों ने उन्हें सम्मानित किया। इस मौके पर दलजीत अजनोहा ने लखविंदर सिंह लक्की के साथ विशेष बातचीत की, जिस दौरान उन्होंने शिरोमणि अकाली दल हाईकमान का उन्हें जिला प्रधान (देहाती) व मैंबर कोर कमेटी बनाने पर धन्यवाद किया।
 उन्होंने यह भी कहा कि पिछले समय में अकाली दल में हुई उथल-पुथल को लेकर वह पूरी तरह गंभीर हैं और वह पहले की तरह जिले में पार्टी को मजबूत करने के लिए सार्थक प्रयास करेंगे और पार्टी में रहकर पार्टी को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 
उन्होंने कहा कि जिला प्रधान पद के अलावा वह पार्टी में कई अहम पदों पर भी सेवाएं निभा चुके हैं और वह 1990 से पार्टी में पूरी निष्ठा से काम कर रहे हैं और पार्टी ने हमेशा उनका सम्मान किया है और वह 1997 की तरह पार्टी का विस्तार करने व शाखाएं बनाने के लिए हमेशा तैयार रहेंगे और पूरे जिले के सभी वर्करों को साथ लेकर चलेंगे। 
उन्होंने कहा कि अध्यक्ष बनने के बाद उन्होंने जहां भी मीटिंग की है, वहां कार्यकर्ताओं की समस्याओं को सुना है और उन्हें विश्वास दिलाया है कि वह उनकी हर समस्या को हाईकमान तक पहुंचाएंगे और उनका समाधान करने का प्रयास करेंगे ताकि किसी भी कार्यकर्ता को कोई समस्या न आए और वह पार्टी के प्रति समर्पित भाव से काम करें। 
इस अवसर पर जत्थेदार इकबाल सिंह खेड़ा और हरप्रीत सिंह रिंकू बेदी ने संयुक्त रूप से कहा कि जत्थेदार लखविंदर सिंह लक्की ने पिछले समय में जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में मीटिंग करके पार्टी को मजबूत किया था और उस समय भी गठबंधन को 9 में से 7 सीटें मिली थीं और अब पार्टी कार्यकर्ताओं को लगने लगा है कि जत्थेदार लखविंदर सिंह लक्की के दूसरी बार जिला अध्यक्ष (ग्रामीण) और सदस्य कोर कमेटी बनने से अकाली दल का स्वर्णिम युग शुरू होगा।
 इस मौके पर जत्थेदार निर्मल सिंह भिलोंवाल, हरप्रीत सिंह बैंस, दया सिंह मेघोवाल, जिंदर सिंह गिल, सतनाम सिंह बंटी, दविंदर सिंह बैंस, जसबीर सिंह भट्टी, कुलविंदर सिंह कोटला, जसकमल सिंह, कुलदीप सिंह परमार, बलबीर सिंह नडालो, सुखविंदर सिंह, अजय कुमार मनदीप सिंह, जतिंदर सिंह, मनवीर सिंह, गुरनाम सिंह कहारपुर आदि मौजूद थे।