हरोली/ऊना, 12 जून (राजवीर चोपड़ा):- नेस्ले इंडिया के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर मनीष तिवारी ने अपने पहले वार्षिक पत्र में कंपनी के प्रदर्शन, भविष्य की रणनीति और विकास की प्राथमिकताओं को साझा करते हुए कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 कंपनी के लिए मजबूत उपलब्धियों का वर्ष रहा। उन्होंने बताया कि पूरे वर्ष कंपनी ने बुनियादी सिद्धांतों पर ध्यान केंद्रित करते हुए मजबूत बाजार हिस्सेदारी वृद्धि के साथ दोहरे अंकों वाली वॉल्यूम-आधारित वृद्धि हासिल की। इस दौरान कंपनी की कुल बिक्री 23,071.5 करोड़ रुपये रही।
मनीष तिवारी ने कहा कि बदलती आर्थिक परिस्थितियों, खाद्य महंगाई और उपभोक्ताओं की बदलती पसंद के बावजूद नेस्ले इंडिया ने तेजी से परिस्थितियों के अनुरूप खुद को ढालते हुए उल्लेखनीय परिणाम हासिल किए। उन्होंने बताया कि शहरी क्षेत्रों में मांग मजबूत बनी रही, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में भी सुधार के संकेत देखने को मिले। भारत के विविध बाजारों में उपभोक्ताओं की बढ़ती आकांक्षाएं और बदलती जीवनशैली कंपनी के लिए नए अवसर लेकर आ रही हैं।

**कंपनी की प्रमुख प्राथमिकताएं
मनीष तिवारी ने कहा कि आने वाले समय में नेस्ले इंडिया चार प्रमुख प्राथमिकताओं पर काम कर रही है। इनमें ग्राहक-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाना, बाजार में पैठ बढ़ाकर वॉल्यूम-आधारित वृद्धि हासिल करना, ब्रांड्स और उत्पादन क्षमता में पुनर्निवेश करना तथा टेक्नोलॉजी आधारित बिक्री और संचालन को तेज़ करना शामिल है। उन्होंने कहा कि यही प्राथमिकताएं तय करती हैं कि कंपनी किस क्षेत्र पर ध्यान देगी, कहां निवेश करेगी और किस प्रकार अपने परिचालन को अधिक प्रभावी बनाएगी।
उन्होंने कहा कि ग्राहक-केंद्रित सोच कंपनी की पूरी वैल्यू चेन का आधार है। नेस्ले उपभोक्ताओं की जरूरतों और अनुभवों को समझकर अपने उत्पादों और सेवाओं को बेहतर बनाने का प्रयास कर रही है। इसी सोच के तहत कंपनी ने नेस्ले प्रोफेशनल व्यवसाय का विस्तार किया है। वर्तमान में देशभर में 1,000 से अधिक नेस्कैफे कॉर्नर, मैगी हॉटस्पॉट और किटकैट ब्रेक जोन जैसे रिटेल वन कियोस्क संचालित हो रहे हैं, जो शैक्षणिक संस्थानों, स्वास्थ्य केंद्रों और हवाई अड्डों पर उपभोक्ताओं को सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।
बाजार में पैठ बढ़ाने की रणनीति के तहत कंपनी अपने वितरण नेटवर्क का लगातार विस्तार कर रही है। मैगी, किटकैट, नेस्कैफे, NAN और सेरेलेक जैसे प्रमुख ब्रांडों के साथ-साथ नए व्यवसायों पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पालतू पशुओं के भोजन के क्षेत्र में कंपनी अपने ब्रांड ‘प्यूरिना पेट केयर’ के माध्यम से नए अवसरों का लाभ उठाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
ग्रामीण भारत को भविष्य की सबसे महत्वपूर्ण विकास संभावनाओं में से एक बताते हुए तिवारी ने कहा कि कंपनी ने छोटे शहरों और ग्रामीण बाजारों में अपनी मौजूदगी को मजबूत किया है। स्थानीय जरूरतों और उपभोक्ताओं की पसंद को ध्यान में रखते हुए उत्पादों, पैकेजिंग और वितरण रणनीतियों को विकसित किया जा रहा है, जिससे बाजार में पैठ और मांग दोनों बढ़ रही हैं।
उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कंपनी ने संरचनात्मक लागत दक्षता कार्यक्रमों के माध्यम से परिचालन लागत में रिकॉर्ड बचत हासिल की। इन बचतों को ब्रांड निवेश, विज्ञापन, डिजिटल मार्केटिंग, बाजार विस्तार और वितरण नेटवर्क को मजबूत करने में लगाया गया, जिससे ब्रांड इक्विटी और उपभोक्ता मांग दोनों में वृद्धि हुई।
तकनीक के बढ़ते उपयोग पर जोर देते हुए तिवारी ने कहा कि कंपनी बिक्री, सप्लाई चेन और वितरण प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के लिए डिजिटल तकनीकों और डेटा आधारित निर्णय प्रक्रिया को बढ़ावा दे रही है। ‘नेसमित्रा’ जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों तक भी उत्पादों की पहुंच सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ऑटोमेशन कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ाने और उपभोक्ताओं को बेहतर अनुभव प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
पर्यावरणीय जिम्मेदारियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि कंपनी ‘गुड फॉर प्लैनेट’ रोडमैप के तहत टिकाऊ पैकेजिंग, जिम्मेदार कच्चे माल की खरीद, जल संरक्षण और संसाधनों के बेहतर उपयोग पर लगातार काम कर रही है। इन प्रयासों का उद्देश्य ऐसा व्यवसाय तैयार करना है जो वर्तमान के साथ-साथ भविष्य की जरूरतों को भी पूरा कर सके।
अपने संदेश के अंत में मनीष तिवारी ने कंपनी के कर्मचारियों, उपभोक्ताओं, आपूर्तिकर्ताओं, वितरकों, खुदरा विक्रेताओं और शेयरधारकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि नेस्ले इंडिया अनुशासन, नवाचार और दीर्घकालिक विकास की रणनीति के साथ आगे बढ़ती रहेगी तथा आने वाले वर्षों में और अधिक मजबूत तथा सक्षम संगठन के रूप में उभरेगी।