करनाल, 21 अप्रैल:- नगर निगम की दुकानों का किराया जमा न करवाने वाले किराएदारों के विरूद्घ निगम अब सख्ती से निपटेगा। इसके तहत सील की गई दुकानों का बकाया जमा न करवाने वाले किराएदारों की चल व अचल सम्पत्तियों को नगर निगम अटैच करेगा। इसे लेकर निगम के प्रवर्तन दल ने अपनी तैयारी पूरी कर ली गई है।
नगर निगम आयुक्त डॉ. वैशाली शर्मा ने जानकारी देते बताया कि बीते वित्त वर्ष में सील की गई 18 दुकानों के किराएदारों द्वारा अभी तक बकाया किराए का भुगतान नहीं किया गया है। यह राशि 91 लाख 24 हजार 974 रुपये है। इन दुकानों के सम्बंधित किराएदारों को 3 दिन की मोहलत दी गई है। अगर वह इस अवधि में बकाया किराए का भुगतान नहीं करते, तो सम्बंधित किराएदार की चल व अचल सम्पत्ति को अटैचमेंट करने की कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि बड़े बकायादारों की सूची में 133 किराएदारों के नाम हैं, इनमें से उपरोक्त 18 दुकानों को नगर निगम द्वारा सील कर दिया गया था। इसके अतिरिक्त शेष 115 दुकानों पर भी 36 लाख 9 हजार 691 रुपये का बकाया है। इन किराएदारों को भी किराया जमा करवाने के लिए 3 दिन का समय दिया गया है। इसके पश्चात नगर निगम अपनी कार्रवाई शुरू करेगा।
इन क्षेत्रों की दुकानें हैं शामिल- महर्षि वाल्मिकी चौक, नावल्टी रोड, प्रेम नगर, राम नगर, मीनार रोड, पुराना बस स्टैण्ड रोड, पुराना पोस्ट ऑफिस, मेरठ रोड, बांसो गेट, अर्जुन गेट, नेहरू पैलेस मार्केट, रणधीर रोड, डॉ. ज्ञान भूषण मार्केट रोड, कर्ण पार्क, कर्ण ताल, कम्बोपुरा, उचानी व उचाना की दुकाने शामिल हैं।
वित्त वर्ष 2025-26 में हुई रिकवरी- उन्होंने बताया कि नगर निगम द्वारा वित्त वर्ष 2025-26 में दुकानों के किराए की रिकॉर्ड वसूली की गई है। इस दौरान 1 करोड़ 93 लाख 3 हजार 383 रुपये का राजस्व एकत्रित किया गया है। इसमें किराया व बकाया राशि दोनो शामिल हैं। इसके अतिरिक्त ब्याज के रूप में 33 लाख 67 हजार 400 रुपये वसूल किए गए हैं।
