रतिया, 15 अप्रैल:- राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप शहीद दविन्द्र सिंह राजकीय स्नातकोत्तर महिला महाविद्यालय, रतिया द्वारा छात्राओं के कौशल विकास एवं रोजगारपरक शिक्षा को बढ़ावा देने हेतु महत्वपूर्ण पहल की गई। महाविद्यालय ने इंटर्नशिप प्रोजेक्ट के अंतर्गत इंटर्न विद्या प्राइवेट लिमिटेड, हिसार, एलआईसी रतिया तथा एचकेसीएल कम्प्यूटर सेंटर, रतिया के साथ एमओयू (समझौता ज्ञापन) संपन्न किया।
इस अवसर पर इंटर्न विद्या प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक कृष्ण ग्रोवर, एलआईसी रतिया के विकास अधिकारी सुखबीर तथा एचकेसीएल कम्प्यूटर सेंटर, रतिया के निदेशक अमन कुमार ने छात्राओं को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने इंटर्नशिप के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए बताया कि इंटर्नशिप के माध्यम से छात्राओं को वास्तविक कार्य अनुभव प्राप्त होता है, जिससे वे अपने ज्ञान को व्यवहारिक रूप में लागू करना सीखती हैं। 
उन्होंने यह भी कहा कि इंटर्नशिप से छात्राओं में आत्मविश्वास, संचार कौशल एवं कार्य दक्षता का विकास होता है, जो उन्हें भविष्य में बेहतर रोजगार के अवसर प्राप्त करने में सहायक बनाता है। महाविद्यालय के कार्यकारी प्राचार्य डॉ राजेन्द्र कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि ये एमओयू छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। 
उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक युग में केवल पुस्तक ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि व्यावहारिक अनुभव भी अत्यंत आवश्यक है। इस प्रकार के समझौते छात्राओं को उद्योग एवं संस्थानों से जोड़ते हैं और उन्हें वास्तविक जीवन की कार्यप्रणाली को समझने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि एनईपी-2020 के अंतर्गत इंटर्नशिप को विशेष महत्व दिया गया है, जिससे शिक्षा को अधिक उपयोगी एवं रोजगारपरक बनाया जा सके।
इंटर्नशिप प्रभारी प्रो रीतु ने अपने संबोधन में कहा कि इंटर्नशिप छात्राओं के सर्वांगीण विकास का सशक्त माध्यम है। इसके माध्यम से छात्राएं अपने विषय से संबंधित क्षेत्रों में कार्य अनुभव प्राप्त कर सकती हैं, जिससे उन्हें अपने करियर के चयन में स्पष्टता मिलती है। उन्होंने छात्राओं को अधिक से अधिक इंटर्नशिप कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया।
 महाविद्यालय जन सम्पर्क अधिकारी एंव सह प्रभारी प्रो सुरेन्द्र शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि महाविद्यालय द्वारा भविष्य में भी विभिन्न सरकारी एवं अर्ध-सरकारी संस्थानों के साथ एमओयू किए जाएंगे, जिससे छात्राओं को अधिक अवसर प्राप्त हो सकें। 
उन्होंने कहा कि एनईपी-2020 के अनुसार इंटर्नशिप शिक्षा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है, जो छात्राओं को व्यावसायिक दृष्टि से सक्षम बनाने में सहायक सिद्ध होती है। कार्यक्रम के अंत में छात्राओं को इंटर्नशिप के महत्व के बारे में जागरूक किया गया तथा उन्हें बताया गया कि यह उनके उज्ज्वल भविष्य एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। 
महाविद्यालय की इस पहल से छात्राओं को न केवल व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त होगा, बल्कि वे भविष्य में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर अपने संस्थान का नाम भी रोशन करेंगी। इस अवसर पर प्रो सर्वजीत सिंह, प्रो प्रियंका, डॉ स्वाती,  संजय कुमार, बन्टु उपस्थित रहे।