रतिया, 7 नवंबर (एडवोकेट गुरप्रीत सिंह मंडेर):- रिटायर्ड कर्मचारी संघ हरियाणा, ब्लॉक नागपुर मुख्यालय हड़ौली की मासिक बैठक जगजीत सिंह जोहल की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक का संचालन ब्लॉक सचिव राजकुमार हड़ौली ने किया, जबकि जिला प्रधान भोला सिंह नागपुर ने विशेष रूप से भाग लिया।

बैठक में उपस्थित सदस्यों ने सभी पेंशनभोगियों से अपील की कि वे अपना जीवित प्रमाण पत्र (लाइफ सर्टिफिकेट) 20 नवंबर से पहले जमा करवाना सुनिश्चित करें, ताकि नवंबर माह की पेंशन जारी होने में किसी प्रकार की परेशानी न आए। जिन सेवानिवृत्त कर्मचारियों को स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों के कारण कार्यालय पहुंचने में कठिनाई हो रही है, वे ब्लॉक प्रधान एवं सचिव से संपर्क करें, ताकि उनका जीवित प्रमाण पत्र जमा करवाने की व्यवस्था की जा सके।

बैठक में आठवें वेतन आयोग की रिपोर्ट दिसंबर से मार्च के बीच प्रस्तुत किए जाने की संभावनाओं सहित सेवानिवृत्त कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं और मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान सरकार के समक्ष पांच प्रमुख मांगें रखते हुए उन्हें शीघ्र लागू करने की मांग की गई।

संघ की प्रमुख मांगों में 60, 65 और 75 वर्ष की आयु पूरी होने पर पेंशन में क्रमशः 5-5 प्रतिशत की वृद्धि करना, कोरोना काल के दौरान रोके गए 18 माह के महंगाई भत्ते एवं महंगाई राहत के बकाया एरियर का भुगतान करना, निजी अस्पतालों में बिना किसी शर्त के कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू करना, बस, रेलवे एवं हवाई यात्रा में सेवानिवृत्त कर्मचारियों को 50 प्रतिशत किराये की छूट प्रदान करना तथा वर्तमान मेडिकल भत्ते को 1,000 रुपये से बढ़ाकर 3,500 रुपये प्रतिमाह करना शामिल है।

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने अपने जीवन का महत्वपूर्ण समय सरकारी सेवाओं में लगाकर समाज और देश के विकास में योगदान दिया है। इसलिए बुढ़ापे में उन्हें सम्मानजनक जीवन, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और आर्थिक सुरक्षा उपलब्ध करवाना सरकार की जिम्मेदारी है। सरकार को पेंशनरों की जायज मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए इन्हें समय रहते लागू करना चाहिए।

संघ पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों को अनदेखा किया तो 12 दिसंबर 2026 को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित होने वाले विशाल प्रदर्शन में प्रदेशभर के सेवानिवृत्त कर्मचारी बड़ी संख्या में भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि पेंशनरों की आवाज को बुलंद करते हुए सरकार तक अपनी मांगें पहुंचाई जाएंगी तथा आगामी चुनावों में भी सरकार को इसका राजनीतिक परिणाम भुगतना पड़ सकता है।

बैठक के अंत में सभी देशवासियों को दीपावली पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं दी गईं और आपसी एकता एवं संगठन की मजबूती बनाए रखने का संकल्प लिया गया।