करनाल, 26 नवंबर: हरियाणा ने ऐतिहासिक दिन देखा, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रदेश की धरती पर पहुंचकर गुरु परंपरा और भारतीय संस्कृति के प्रति अपनी गहरी आस्था का संदेश दिया। सिखों के नौवें गुरु, श्री गुरु तेग बहादुर जी के साढ़े तीन सौवें शहीदी दिवस और गीता जयंती के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रमों में शामिल होकर प्रधानमंत्री ने पूरे हरियाणा और देशभर के सिख समुदाय का मन जीत लिया। 
प्रधानमंत्री मोदी ने गुरु तेग बहादुर जी को भारतीय सभ्यता की आत्मा बताते हुए कहा कि सिख और हिंदू अलग नहीं किए जा सकते, दोनों का संबंध मांस और नाखून जैसा अभिन्न है। उनके उद्बोधन ने कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लाखों लोगों को भावुक कर दिया।

**कुरुक्षेत्र में भव्य आयोजन**
कुरुक्षेत्र पहुंचकर प्रधानमंत्री ने ब्रह्मसरोवर पर महाआरती में भाग लिया और पाञ्चजन्य शंख स्मारक का लोकार्पण किया। इसके बाद उन्होंने ज्योतिसर अनुभव केंद्र का उद्घाटन किया और महाभारत से जुड़े दिव्य अनुभवों को दर्शाती आधुनिक प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रधानमंत्री ने महाभारत अनुभव प्रदर्शनी का भी गहन अवलोकन किया।
गुरु तेग बहादुर जी को समर्पित डाक टिकट और स्मारक सिक्का जारी:
शहीदी दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने गुरु तेग बहादुर जी की स्मृति में विशेष डाक टिकट और स्मारक सिक्का जारी किया। इसके बाद वे मुख्य समागम में पहुंचे, जहां गुरु ग्रंथ साहिब को मंच से ढाई फुट ऊपर प्रतिष्ठित किया गया था। 
प्रधानमंत्री मोदी जमीन पर बैठकर नतमस्तक हुए—उनकी यह छवि पूरे कार्यक्रम की सबसे प्रेरक और विनम्र झलक रही। पटियाला से आईं 350 बच्चियों द्वारा प्रस्तुत किया गया शब्द-कीर्तन पूरे वातावरण को आध्यात्मिकता से भर गया। प्रधानमंत्री के साथ हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और राज्यपाल भी इस दौरान मौजूद रहे।

**मुख्यमंत्री सैनी की कार्यशैली से प्रभावित हुए प्रधानमंत्री** 
हरियाणा सरकार की ओर से जिस भव्य और व्यवस्थित तरीके से शहीदी पर्व का आयोजन किया गया, उसकी प्रधानमंत्री मोदी ने खुलकर प्रशंसा की। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के समन्वय और मेहनत ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाने में अहम भूमिका निभाई। प्रधानमंत्री ने सैनी की कार्यशैली की सराहना करते हुए उनकी पीठ थपथपाई।

**सिख समुदाय को जोड़ने में दादूवाल का योगदान**
सिख समुदाय को केंद्र और राज्य सरकार के करीब लाने में एचएसजीपीसी की धर्म प्रचार समिति के प्रमुख, जत्थेदार बलजीत सिंह दादूवाल की भूमिका महत्वपूर्ण रही। शहीदी पर्व से जुड़े कार्यक्रमों की रूपरेखा और क्रियान्वयन में उन्होंने अहम योगदान दिया।
ए‌चएसजीपीसी के पूर्व सीनियर एग्जीक्यूटिव मेंबर गुरुप्रसाद सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जिस सम्मान के साथ सिख गुरुओं का आदर किया है, वह अभूतपूर्व है। उन्होंने कहा कि पहली बार किसी सरकार ने गुरु प्रकाश पर्व और शहीदी पर्व को इतनी भव्यता और सरकारी स्तर पर मनाया है।