डेराबस्सी, 28 अप्रैल: विधायक कुलजीत सिंह रंधावा ने आज डेराबस्सी विधानसभा क्षेत्र के छह स्कूलों में 90.17 लाख रुपए की लागत से विभिन्न विकास कार्यों का उद्घाटन कर विद्यार्थियों को समर्पित किया। इसके साथ ही विधायक रंधावा ने सरकारी मिडिल स्कूल हरिपुर हिंदुआन में 9 लाख रुपए की लागत से नए क्लासरूम के निर्माण की भी शुरुआत की।
विधायक रंधावा ने आज विद्यार्थियों को समर्पित किए गए विभिन्न विकास कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि सरकारी प्राइमरी स्कूल कूड़ावाला में 10.73 लाख रुपए की लागत से आधुनिक क्लासरूम और मिड-डे मील किचन का निर्माण किया गया है। सरकारी प्राइमरी स्कूल, हरिपुर हिंदुआन में 17.33 लाख रुपये की लागत से निर्मित दो नए क्लासरूम और अन्य विकास कार्यों का उद्घाटन किया गया। 
सरकारी प्राइमरी स्कूल, निंबुआन में 15.02 लाख रुपये की लागत से दो नए क्लासरूम छात्रों को समर्पित किए गए। सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, रामपुर सैनियां में 28 लाख रुपये की लागत से तैयार तीन नए क्लासरूम और एक पुस्तकालय छात्रों को समर्पित किया गया। सरकारी एलीमेंट्री और मिडिल स्कूल, बाजीगर बस्ती, जीरकपुर में 19,17,600 रुपये की लागत से निर्मित दो आधुनिक क्लासरूम और एक कंप्यूटर लैब का उद्घाटन किया गया और छात्रों को समर्पित किया गया। 
इस अवसर पर विधायक कुलजीत सिंह रंधावा ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री सरदार भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने पंजाब के स्कूलों के बुनियादी ढांचे में सुधार किया है और शिक्षा की गुणवत्ता में बदलाव लाया है, जो पिछली सरकारों के दौरान खो गया था, जिससे पंजाब के लोगों का सरकारी स्कूलों में विश्वास बहाल हुआ है। उन्होंने कहा कि पूरे पंजाब में 2000 करोड़ रुपए की लागत से 12000 सरकारी स्कूलों को नया रूप दिया जा रहा है। 
उन्होंने कहा कि विपक्षी पार्टियों के पास सरकार के इस ऐतिहासिक कार्य को खुले दिल से स्वीकार करने के अलावा कोई और विकल्प नहीं है, लेकिन न चाहते हुए भी वे अपनी आदत से मजबूर होकर सरकार के अच्छे कार्यों की सराहना करने की बजाय आलोचना करने पर मजबूर हैं। 
विधायक रंधावा ने कहा कि जब वह स्कूलों का दौरा करते हैं तो नए कमरे, स्मार्ट क्लासरूम, अच्छे शौचालय, स्वच्छ पेयजल व्यवस्था, खेल के मैदान आदि देखते हैं तो वहां पढ़ने वाले बच्चों के चेहरों पर जो मुस्कान आती है, वह पंजाब की भगवंत सिंह मान सरकार के प्रति सबसे बड़ी कृतज्ञता है। 
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार का एकमात्र लक्ष्य पंजाब के सरकारी स्कूलों की छवि को निजी स्कूलों से बेहतर बनाना और सरकारी शिक्षण संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक सुविधाएं प्रदान करना है। इस अवसर पर इन स्कूलों के अध्यापकों के अलावा क्षेत्र के पंच-सरपंच और मोहतबर मौजूद थे।