होशियारपुर- पंजाब सरकार द्वारा शहरों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए किए जा रहे कार्यों की श्रृंखला के तहत नगर निगम होशियारपुर ने स्थानीय टांडा चौक से भगवान वाल्मीकि चौक तक 16.14 लाख रुपये की लागत से स्ट्रीट लाइटें लगाईं। जिसका उद्घाटन शनिवार शाम विधायक ब्रह्मशंकर जिम्पा ने किया।
मेयर सुरिंदर कुमार शिंदा के साथ स्ट्रीट लाइटों का उद्घाटन करने के बाद विधायक ब्रह्मशंकर जिम्पा ने कहा कि पंजाब सरकार गांवों और शहरों में बुनियादी ढांचे को और मजबूत करने और उन्नत करने के लिए लगातार विकास कार्य करवा रही है। उन्होंने बताया कि टांडा रोड से भगवान वाल्मीकि चौक तक सड़क पर लाइट की व्यवस्था न होने के कारण राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ता था, जिसे ध्यान में रखते हुए नगर निगम ने यह कार्य करवाया।
उन्होंने बताया कि प्रथम चरण में 30 स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं। जिससे लोगों को रात के समय व धुंध के मौसम में सुविधा मिलेगी तथा आने वाले दिनों में शहर के अन्य क्षेत्रों में भी स्ट्रीट लाइटें लगाई जा रही हैं। ताकि लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
विधायक जिम्पा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार बुनियादी ढांचे को और मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है, जिसके तहत लगभग 1.5 करोड़ रुपये की लागत से 607 मेगालीटर प्रतिदिन क्षमता वाला नया सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया जा रहा है। 650 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह प्रोजेक्ट अगले डेढ़ साल में पूरा हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि शहरी बुनियादी ढांचे में और सुधार की श्रृंखला के तहत, चालू वित्त वर्ष के दौरान विभिन्न नगर निगमों के क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों के लिए लगभग 450 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। उन्होंने बताया कि अन्य बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता के लिए भी निरंतर कार्य जारी है। जिसमें से स्वच्छ भारत मिशन के तहत ठोस कचरा प्रबंधन मशीनरी के लिए शहरी स्थानीय निकायों को 401.73 करोड़ रुपये जारी किए गए और पिछले कुछ दिनों में राज्य में सीवरों की सफाई के लिए 730 मशीनें खरीदी गई हैं।
विधायक जिम्पा ने होशियारपुर शहर में हर जरूरी सुविधा सुनिश्चित करने के लिए नगर निगम की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि पंजाब सरकार शहर के हर क्षेत्र में बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करेगी। उन्होंने कहा कि हाल ही में उन्होंने जलापूर्ति के लिए नए ट्यूबवेल शुरू किए हैं, जिससे संबंधित क्षेत्रों में पानी की कमी दूर हो गई है।