होशियारपुर:- मिड-डे मील वर्कर्स यूनियन ने पंजाब सरकार द्वारा उनकी मांगों की लगातार अनदेखी के विरोध में स्कूलों में एक जुलाई से खाना बनाना बंद करने का अल्टीमेटम सरकार को दिया था। इसी कड़ी में माहिलपुर में मिड-डे मील कार्यकर्ताओं ने स्थानीय सब्जी मंडी में कमलजीत खड़ौदी, मंजीत कौर, बलविंदर कौर और अमरवीर कौर की अगुवाई में रोष रैली निकाली, जिसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।
नेताओं ने कहा कि पंजाब सरकार ने संगठित बैठकों में जिन माँगों को स्वीकार किया था—जिनमें मिड-डे मील वर्कर्स को कम-से-कम अठारह हजार रुपये प्रतिमाह वेतन, दुर्घटना और स्वास्थ्य बीमा, मौसमी वर्दियाँ, मिड-डे मील वर्कर्स को पक्का करने तथा 60 वर्ष के बाद ग्रैचुइटी और पेंशन लागू करने की मांगें शामिल हैं—उनका पालन नहीं किया जा रहा है, जो सरकार की मिड-डे मील कार्यकर्ताओं के प्रति बेरूखी को दर्शाता है।
शकुन्तला, रजनी, सुरिंदर कौर तथा फेडरेशन नेताओं मक्षण सिंह लंगेरी और मलकीत सिंह बाहोवाला ने कहा कि एक तरफ पंजाब सरकार माताओं-बेटियों के सत्कार योजना का ढिंढोरा पीट रही है, और दूसरी तरफ अत्यधिक गर्मी में खाना बनाने वाले मिड-डे मील कार्यकर्ताओं को जीविकोपार्जन योग्य वेतन भी नहीं दिया जा रहा।
इस मौके पर मिड-डे मील कार्यकर्ताओं ने माहिलपुर के मुख्य चौक तक रोष मार्च किया और ट्रैफिक जाम करके सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पंजाब सरकार से मिली तीन जुलाई की बैठक में यदि कोई सार्थक हल नहीं निकला तो मिड-डे मील वर्कर्स यूनियन सरकार के खिलाफ तीव्र संघर्ष करेगी।
इस मौके पर संध्या, संतोष रानी, लखविंदर कौर, गुरमीत कौर, कान्ता, रेशम कौर, चरणजीत कौर, पूजा, पुष्पा, सिमरन, गुरबख्श कौर, रेखा रानी, जसविंदर, आशा, सुखविंदर, जसवीर, कुलवीर कौर, जमना रानी, बलवीर कौर, परदीप कौर, बख्शो सहित बड़ी संख्या में मिड-डे मील कार्यकर्ता मौजूद थे।