अंबाला, १८ जून:- आज मिड डे मील वर्करों ने शिक्षा मंत्री की वायदा खिलाफी से ग़ुस्से में आकर पुतला फूँका और नारेबाज़ी की । शिक्षा सदन में वर्कर्स को सम्बोधित करते हुए यूनियन की जिला प्रधान ललिता खन्ना व सचिव सोनिया ने कहा कि शिक्षा मंत्री ने 9 जून को मांगो पर विचार करने के लिए संगठन प्रतिनिधिमंडल को चंडीगढ बुलाकर बात नहीं की। इससे साफ है कि मंत्री महोदय बातचीत से मांगो का हल नहीं करना चाहते।
इसके विरोध में राज्य भर में शिक्षा मंत्री के पुतले जलाकर वर्कर्स ने अपनी नाराजगी प्रकट की है। इसी के साथ अब मिड डे मील वर्कर्स यूनियन हरियाणा रजिस्टर्ड नं. 1933 ने कुरुक्षेत्र में 4 अगस्त को मुख्यमंत्री के निवास पर प्रदर्शन करने का एलान किया है। इसका विधिवत नोटिस जिला मौलिकशिक्षा अधिकारी को सौंप दिया गया है।
गोरतलब है कि मिड डे मील वर्कर्स काफ़ी समय से 26 हज़ार रू व 12 महीने का वेतन देने की मांग मुख्य रूप से कर रही है। इसके इलावा नौकरी पक्की करने, स्कूल मर्जिंग की नीति को बंद कर काम से हटाई गई वर्कर्स को ड्यूटी पर लेने, रिटायरमेन्ट उम्र 65 साल कर 3 लाख रू देने, वर्दी भत्ता 1500 रू देने, ईएसआई व पीएफ लागू करने, हर महीने दो अवकाश देने, काम के दौरान घायल होने पर ईलाज की व्यवस्था व 50 हज़ार की मदद तथा मृत्यु होने पर आश्रितो को 5 लाख रू मुआवजा देने, मिड डे मील योजना को 12वी कक्षा तक लागू करने व शिक्षा समेत सरकारी क्षेत्र के निजीकरण पर रोक लगाने की मांग भी शामिल है।
प्रदर्शन कर रही वर्कर्स को सीटू राज्य सचिव सतीश सेठी ने सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने अप्रैल 2026 से न्यूनतम वेतन बढ़ाकर 15220 रू कर दिया है। जबकि वर्कर्स को मात्र 7 हज़ार रू सरकार देती है। यह नाम मात्र का वेतन भी टुकड़ो में कभी छ: तो कभी एक हज़ार मिलता है। यही नहीं स्कूलों में प्रधानाचार्य से लेकर सेवादार तक एक ही प्रांगण में काम करने वाले सभी शिक्षको व कर्मचारियों को 12 महीने का वेतन मिलता है।
परन्तु इनमें केवल कुक का काम करने वाली गरीब महिलाओं को ही दस महीने का वेतन मिलता है। ऊपर से बेगार भी करवाई जाती है। यह सरासर महिलाओं के साथ अन्याय है। इसलिए सीटू मांग करती है कि वर्कर्स का वेतन फौरन बढ़ा कर 12 महीने का दिया जाए। क्योंकि महंगाई के जमाने में 7 हज़ार में गुजारा चलाना बहुत ही मुश्किल है।
शिक्षा मंत्री की वायदा खिलाफ़ी से गुस्साई मिड डे मील वर्कर्स ने पुतला जलाकर अपना विरोध प्रकट किया
