करनाल 29 जुलाई:- नगर निगम ने रिकॉर्ड सम्पत्ति कर वसूली के लक्ष्य को हासिल करने के लिए अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। सम्पत्ति कर शाखा द्वारा बड़े बकायादारों को चरणबद्ध तरीके से नोटिस जारी किए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक बकाया कर की वसूली सुनिश्चित की जा सके। नगर निगम आयुक्त सलोनी शर्मा ने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा सम्पत्ति कर के बकाया पर ब्याज में 75 प्रतिशत की विशेष छूट 31 अगस्त तक लागू है। उन्होंने सभी बकायादारों से इस अवसर का लाभ उठाकर समय रहते अपना बकाया कर जमा करवाने की अपील की है।
उन्होंने बताया कि पहले चरण में एक करोड़ रुपये से अधिक सम्पत्ति कर बकाया रखने वाले अधिकतम संस्थानों एवं विभागों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इसके साथ-साथ दूसरे चरण में 50 लाख रुपये से 1 करोड़ रुपये तक के बकायादारों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। आगामी एक सप्ताह के भीतर इस श्रेणी के सभी बकायादारों को नोटिस वितरित कर दिए जाएंगे।
निगमायुक्त ने कहा कि नगर निगम का उद्देश्य 31 अगस्त तक अधिकतम सम्पत्ति कर संग्रहण करना है। इसके लिए सम्पत्ति कर शाखा के अधिकारी एवं कर्मचारी पूरी गंभीरता और सक्रियता के साथ कार्य कर रहे हैं। प्रत्येक बड़े बकायादार की निगरानी की जा रही है तथा निर्धारित समय सीमा के भीतर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए निरंतर कार्रवाई जारी है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अगस्त माह के दौरान यदि बकायादार अपना सम्पत्ति कर जमा नहीं करवाते हैं तो सितंबर माह से नगर निगम उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई करेगा। ऐसे बकायादारों की सम्पत्तियों को नियमानुसार सील करने एवं अटैचमेंट की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि बाद में किसी भी प्रकार की असुविधा से बचने के लिए सभी बकायादार निर्धारित समय के भीतर अपना बकाया कर जमा करवाएं।
केन्द्रीय विभागों एवं संस्थानों पर सर्विस चार्ज के रूप में बकाया।
नगर निगम आयुक्त ने बताया कि केन्द्र सरकार के विभिन्न विभागों एवं संस्थानों पर सर्विस चार्ज के रूप में बड़ी राशि बकाया है। इनमें राष्टï्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (एन.डी.आर.आई.) पर 132 करोड़ रुपये, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आई.सी.ए.आर.) पर 24 करोड़ 53 लाख रुपये, भारतीय जीवन बीमा निगम (एल.आई.सी.) पर 1 करोड़ 3 लाख रुपये, उत्तर रेलवे पर 97 लाख रुपये तथा राष्टï्रीय पशु आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो (एन.बी.जी.ए.आर.) पर 77 लाख रुपये का सर्विस चार्ज बकाया है।
राज्य सरकार के विभागों पर भी करोड़ों रुपये का सम्पत्ति कर बकाया।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के विभिन्न विभागों एवं संस्थानों पर भी सम्पत्ति कर की बड़ी राशि लंबित है। इनमें सिंचाई विभाग पर 3 करोड़ 47 लाख रुपये, एस.डी. गल्र्ज़ वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पर 2 करोड़ 45 लाख रुपये, लोक निर्माण विभाग (भवन एवं सडक़ें) पर 2 करोड़ 9 लाख रुपये, हरियाणा सशस्त्र पुलिस, मधुबन पर 1 करोड़ 72 लाख रुपये, जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग पर 1 करोड़ 6 लाख रुपये, जिला खेल विभाग पर 83 लाख 18 हजार रुपये, जिला महिला एवं बाल विकास विभाग पर 56 लाख रुपये, जिला जेल पर 44 लाख 7 हजार रुपये, पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर 21 लाख 72 हजार रुपये तथा चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय पर 19 लाख 86 हजार रुपये का सम्पत्ति कर बकाया है। इसके अतिरिक्त दिगम्बर जैन सोसायटी पर 2 करोड़ 30 लाख रुपये का सम्पत्ति कर बकाया है।
बड़े बकायादारों पर नगर निगम की सख्ती सितंबर से सीलिंग और अटैचमेंट की होगी कार्रवाई सलोनी शर्मा निगमायुक्त
