चंडीगढ़:- आज एमसी हाउस की बैठक में मेयर ने पूरी तानाशाही दिखाते हुए 18 विपक्षी पार्षदों को नज़रअंदाज़ कर मनिमाजरा की जमीन से जुड़े प्रस्ताव को ज़बरदस्ती पास करवाने की कोशिश की। बैठक में बड़ा खुलासा हुआ कि मेयर साहब बार-बार गलत जानकारी देकर जनता को गुमराह कर रहे हैं।
पहले 7 एकड़ बताया गया था, फिर 12 किया गया, उसके बाद 19 और आज भी मेयर 29 एकड़ बताकर जनता को भ्रमित कर रहे हैं, जबकि जमीन की वास्तविक माप 33 एकड़ है।
जब विपक्षी पार्षदों ने दस्तावेज़ और असली माप पेश करके सच्चाई सामने लाने की मांग की, तब मेयर ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया का दुरुपयोग करते हुए वोटिंग तक होने नहीं दी।
इस मुद्दे को ज़बरदस्ती पास करवाने के चक्कर में आम आदमी पार्टी के पार्षदों को मार्शलों द्वारा कई बार बाहर घसीटकर निकाला गया।
यह साबित करता है कि भाजपा प्रशासन जनता की जमीन किसी ख़ास समूह को लाभ पहुंचाने की तैयारी में है।
आम आदमी पार्टी साफ कहती है कि बिना वास्तविक क्षेत्र, पारदर्शिता और जन-सहमति के मनिमाजरा की जमीन किसी भी हालत में न बेची जाएगी और न सौंपने दी जाएगी।
हम जनता के साथ खड़े हैं और यह लड़ाई सड़क से लेकर अदालत तक लड़ेंगे।

**ओंकार सिंह औलख ने कहा:
“18 पार्षदों को दबाकर फैसला थोपना लोकतंत्र की हत्या है। भाजपा प्रशासन की तानाशाही नाकाम होगी और जनता की जमीन को लूटने नहीं दिया जाएगा।”
भारी विरोध और पार्षदों के दबाव के कारण अंत में मेयर को मनिमाजरा लैंड एजेंडा स्थगित करना पड़ा  जो साबित करता है कि सत्य और जनता की ताकत तानाशाही से कहीं बड़ी है।