करनाल, 26 नवंबर: किसान आंदोलन की पाँचवीं वर्षगांठ पर करनाल में किसानों, मजदूरों और कर्मचारियों ने संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के बैनर तले जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। महात्मा गांधी चौक पर एकत्र होकर प्रदर्शनकारियों ने जिला सचिवालय तक मार्च निकाला और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
उन्होंने 2021 में केंद्र सरकार और संयुक्त किसान मोर्चा के बीच हुए समझौते को लागू करने, चारों लेबर कोडों को वापस लेने, एमएसपी की कानूनी गारंटी देने और मजदूरों के संवैधानिक अधिकार सुरक्षित रखने की मांग उठाई। जिला सचिवालय के सामने प्रदर्शनकारियों ने लेबर कोड के नोटिफिकेशन की प्रतियां जलाकर रोष व्यक्त किया और अपनी मांगों का ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा।
भाकियू जिला प्रधान सुरेंद्र घुम्मन ने आरोप लगाया कि सरकार ने पाँच साल बाद भी अपने किए वादे पूरे नहीं किए हैं, इसलिए यदि समझौते लागू नहीं किए गए तो किसान फिर से बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। एसकेएस जिला प्रधान सुशील गुज्जर ने कहा कि चार लेबर कोड लागू होने से 29 मजदूर हितैषी कानून समाप्त हो जाएंगे, जिससे मजदूरों के संवैधानिक अधिकार खतरे में पड़ जाएंगे और ये कोड पूंजीपतियों के हित में काम करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने लेबर कोड वापिस नहीं लिए तो संयुक्त किसान मोर्चा बड़े आंदोलन के लिए तैयार है।
इस मौके पर भाकियू प्रदेश संगठन मंत्री श्याम सिंह मान, सुरेंद्र सांगवान, सतपाल सैनी, शीशपाल सिंह, जिले सिंह पाल, जसविंद्र, मदन सिंह, रूपा राणा, जरासो शर्मा, तारा चंद सैनी, गुलाब सिंह आर्य, सुदेश, शिमला, सुभाष परोचा, राज कुमार, रोशन लाल, ओम प्रकाश सिंहमार, मास्टर बलराज, तेलु राम और जय भगवान सहित कई नेताओं ने प्रदर्शन को संबोधित किया। विरोध प्रदर्शन में सैकड़ों किसान, मजदूर और कर्मचारी शामिल हुए और उन्होंने सरकार विरोधी नीतियों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की।
किसान आंदोलन की पाँचवीं वर्षगांठ पर करनाल में जबरदस्त प्रदर्शन सरकार के खिलाफ नारेबाज़ी तेज
