लखनऊ: सोमवार दोपहर अलीगंज के सेक्टर-डी स्थित एक निजी कोचिंग सेंटर में भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आसपास के लोगों ने तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी, जिसके बाद दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया। इस हादसे में 18 छात्रों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य झुलस गए।

### लखनऊ अग्निकांड ने ताजा किए सूरत-राजकोट के जख्म
इस दर्दनाक हादसे ने सूरत और राजकोट में हुए अग्निकांडों की यादें ताजा कर दीं, जिनमें आग की चपेट में आकर 47 लोगों की जान चली गई थी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कई छात्रों ने जान बचाने के लिए ऊंचाई से छलांग लगा दी। इनमें से कुछ गंभीर रूप से घायल हो गए। जिस इमारत में आग लगी, उसकी पहली दो मंजिलों पर पालतू जानवरों की दुकान और गेमिंग जोन था, जबकि तीसरी मंजिल पर कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी संचालित की जा रही थी।
बताया जा रहा है कि दोपहर करीब 3 बजे जब आग लगी, उस समय इमारत में बड़ी संख्या में छात्र और अन्य लोग मौजूद थे। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद, डीजीपी राजीव कृष्ण, जिलाधिकारी तथा अन्य पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। छात्रों को सुरक्षित निकालने के लिए इमारत की पिछली दीवार तोड़ने का काम भी किया जा रहा है।

### मुख्यमंत्री योगी ने दिए राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने तथा घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रशासन को हर स्तर पर सतर्कता बनाए रखने को भी कहा है।

### आग लगते ही छात्रों ने लगाईं छलांगें
मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि घटना के समय बड़ी संख्या में बच्चे अंदर मौजूद थे। आग लगने के बाद कई छात्र अपनी जान बचाने के लिए इमारत से नीचे कूदने लगे। घटना से जुड़ी कई तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रही हैं।
जिलाधिकारी विशाख और अपर जिलाधिकारी (नॉर्थ) ट्विंकल जैन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच चुके हैं। करीब एक दर्जन फायर टेंडर और एक हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म राहत एवं बचाव अभियान में लगे हुए हैं। मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

### अलीगढ़ से लखनऊ लौटे मुख्यमंत्री योगी
लखनऊ में आग लगने की सूचना मिलने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अलीगढ़ से तत्काल लखनऊ लौट आए। उन्होंने कहा, “मैं अलीगढ़ में रुकना चाहता था, लेकिन अभी-अभी लखनऊ में आग लगने की सूचना मिली है। बच्चे प्रभावित हुए हैं, इसलिए मेरा वापस लौटना जरूरी है। मुझे बच्चों और उनके परिवारों की चिंता है।”
मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने प्रमुख सचिव (गृह) को मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस घटना की विस्तृत जांच कराई जाएगी। इसके चलते उन्होंने अपनी विकास समीक्षा बैठक भी स्थगित कर दी और केवल लोक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक ही की।

### प्रधानमंत्री ने जताया दुख, आर्थिक सहायता का किया ऐलान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से प्रत्येक मृतक के परिजन को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि प्रदान की जाएगी। वहीं, घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।