संगरूर, 8 जून:- अर्ली चाइल्ड हुड केयर एंड एजुकेशन स्कीम के तहत पंजाब सरकार द्वारा प्राइवेट प्ले-वे स्कूलों के लिए निर्देश जारी किए जा चुके हैं। इसके तहत पंजाब में चल रहे सभी प्राइवेट प्ले-वे स्कूलों को सामाजिक सुरक्षा और महिला एवं बाल विकास विभाग, पंजाब से रजिस्ट्रेशन लेना अनिवार्य है, ताकि सरकार के पास बच्चों का पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध हो सके।
इस संबंध में अधिक जानकारी देते हुए जिला कार्यक्रम अधिकारी, संगरूर, प्रदीप सिंह गिल ने बताया कि जिले के सभी निजी प्ले-वे स्कूलों में बचपन के शुरुआती विकास के लिए बच्चों को खेल-खेल में पढ़ाया जाएगा, जिससे उनके शारीरिक और मानसिक विकास में निखार आएगा। उन्होंने बताया कि नए दिशा-निर्देशों के तहत इन प्ले-वे स्कूलों की नई रजिस्ट्रेशन और पुरानी रजिस्ट्रेशन को रिन्यू करवाना अनिवार्य कर दिया गया है।
उन्होंने आगे बताया कि नए नियमों के तहत प्ले-वे स्कूलों में दाखिले के लिए बच्चों का कोई स्क्रीनिंग टेस्ट या अभिभावकों का इंटरव्यू नहीं होगा। स्कूलों में एक टीचर केवल 20 बच्चों को ही पढ़ाएगा और स्कूल की बाउंड्री पूरी तरह सुरक्षित होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों को किसी भी तरह डराने या धमकाने पर पूरी तरह पाबंदी होगी और उन पर पढ़ाई का कोई अतिरिक्त बोझ नहीं डाला जाएगा।
प्ले-वे स्कूलों में लाइब्रेरी का प्रबंध करना और बच्चों का स्वास्थ्य रिकॉर्ड रखना भी अनिवार्य कर दिया गया है। बच्चों की सुरक्षा के लिए फायर सेफ्टी और स्वास्थ्य सुविधाओं की समय-समय पर जांच की जाएगी। उन्होंने बताया कि प्ले-वे स्कूल की इमारत का हवादार होना, चार-दीवारी, साफ-सुथरा पीने योग्य पानी और एक केयरटेकर की मौजूदगी जरूरी है। स्कूल के अंदर रेस्ट रूम, लड़के और लड़कियों के लिए अलग-अलग शौचालय और सभी स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे लगाना भी अनिवार्य किया गया है।
उन्होंने बताया कि अब प्ले-वे स्कूलों की रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया ऑनलाइन शुरू कर दी गई है। स्कूल मालिक/ट्रस्ट ई-सेवा पोर्टल के माध्यम से सुविधा केंद्रों से अपनी नई रजिस्ट्रेशन या रिन्यूअल करवा सकते हैं।
उन्होंने जिला संगरूर में चल रहे और इच्छुक प्ले-वे स्कूलों के मालिकों/ट्रस्टों को निर्देश दिए कि वे जल्द से जल्द नए निर्देशों का पालन करते हुए अपनी रजिस्ट्रेशन करवाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि नियमों का पालन न करने और रजिस्ट्रेशन न करवाने की स्थिति में संबंधित स्कूलों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को केवल उन प्ले-वे स्कूलों में दाखिला दिलाने को प्राथमिकता दें जो विभाग के पास पहले से रजिस्टर्ड हैं।