हिसार (दिनकर गावड़ी):- लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (लुवास), हिसार के पशु चिकित्सा महाविद्यालय के चौथे वर्ष के विद्यार्थियों के लिए एक दिवसीय शैक्षणिक दौरे का आयोजन किया गया। यह दौरा कुलपति प्रो. (डॉ.) विनोद कुमार वर्मा के मार्गदर्शन तथा पशु चिकित्सा महाविद्यालय के अधिष्ठाता प्रो. (डॉ.) अनीश यादव की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों ने कुरुक्षेत्र स्थित डॉग के-9 स्क्वॉड केंद्र और करनाल स्थित कारस लैबोरेटरीज का दौरा कर व्यावहारिक जानकारी प्राप्त की।

दौरे के पहले चरण में विद्यार्थियों ने कुरुक्षेत्र स्थित डॉग के-9 स्क्वॉड केंद्र में पुलिस कार्यों में प्रशिक्षित श्वानों की भूमिका को समझा। यहां उन्होंने जाना कि प्रशिक्षित श्वान किस प्रकार मादक पदार्थों और विस्फोटकों की पहचान करने तथा अपराधों की जांच में पुलिस की सहायता करते हैं। इस दौरान हरियाणा स्टेट नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के चार नार्को डॉग, स्टेट क्राइम ब्रांच का एक ट्रैकर डॉग और सीआईडी का एक विस्फोटक पहचानने वाला डॉग शामिल रहा। प्रशिक्षित श्वानों ने परिसर, वाहनों और सामान की तलाशी लेकर अपनी कार्यक्षमता का प्रदर्शन किया। विस्फोटक पहचानने वाले श्वान ने रुमाल सर्च का अभ्यास भी किया। विद्यार्थियों ने श्वानों के प्रशिक्षण, उनकी कार्यप्रणाली और प्रशिक्षकों के साथ उनके तालमेल को करीब से देखा।

दौरे के दूसरे चरण में विद्यार्थियों ने करनाल स्थित कारस लैबोरेटरीज के विनिर्माण संयंत्र का भ्रमण किया। यहां उन्होंने दवा निर्माण से जुड़े विभिन्न अनुभागों का निरीक्षण किया और संबंधित विभागों के प्रमुखों से बातचीत की। विद्यार्थियों को विभिन्न दवा-निर्माण प्रक्रियाओं, दवाओं के अलग-अलग स्वरूप तैयार करने तथा उन्हें बाजार तक पहुंचाने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी मिली। इस भ्रमण से उन्हें कक्षा में प्राप्त सैद्धांतिक ज्ञान को व्यावहारिक रूप से समझने का अवसर मिला।

विद्यार्थियों के इस समूह का नेतृत्व पशु चिकित्सा विभाग की प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. दिव्या अग्निहोत्री तथा सहायक प्रोफेसर डॉ. गौरव चराया ने किया। इस शैक्षणिक दौरे से विद्यार्थियों को पुलिस कार्यों में प्रशिक्षित श्वानों की उपयोगिता और दवा निर्माण की औद्योगिक प्रक्रिया को समझने का महत्वपूर्ण अवसर मिला।