रतिया, 9 मार्च:- लोक चेतना मंच हरियाणा द्वारा साहित्य चेतना लाइब्रेरी रतिया में साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता डॉ: नैब सिंह मंडेर के लघुकथा संग्रह 'दिलों की सांझ' पर विचार चर्चा एवं सम्मान समारोह का आयोजन साहित्य चेतना लाइब्रेरी में किया गया ।
 इस अवसर पर मुख्य अतिथि एवं सम्मानित शख्सियत के रूप में संत बाबा ज्ञानी इंद्रजीत सिंह शामिल हुए जबकि समारोह की अध्यक्षता मंच के प्रधान कैप्टन गुरमुख सिंह भुल्लर ने की।
 मुख्य वक्ता के रूप में शामिल एसिस्टेंट प्रोफेसर कुलदीप सिंह पंधेर  ने लघुकथा संग्रह 'दिलों की सांझ' पर अपना खोज पत्र प्रस्तुत करते हुए कहा कि दिलों की सांझ लघुकथा संग्रह में शामिल सभी लघुकथाएं विश्वी सरोकारों से उत्प्रोत है और इसमें आम जन की संवेदना को व्यक्त किया गया है। उन्होंने कहा कि डॉक्टर मंडेर जहां लेखक, चिंतक एवं साहित्य आलोचक के रूप में कार्यशील है। वहीं पर उनकी मौलिक लेखनी समाज में घटित उन घटनाओं को कथानक के रूप में शामिल करते हुए कलात्मक बुनती के साथ समाज में दवे कुचले लोगों की संवेदना को व्यक्त करते हुए मनुष्य के दुख - सुख व प्रताड़ित मानसिकता को उजागर करती हैं ।
इस परिचर्चा में अपनी बात रखते हुए मंच के महासचिव व प्रसिद्ध चित्रकार कृष्ण सिंह पंवार ने कहा की इन सभी लघुकथाओं का उन्होंने गहन अध्ययन करने के बाद इसका कवर डिजाइन किया तो लघुकथा संग्रह में शामिल सभी लघुकथाओं का डॉक्टर मंडेर ने सभी धर्म के लोगों को एकता की माला के सूत्र रूप में बांधने का कार्य किया है।
 सभी लघुकथाएं लोगों के दिलों की सांझ को व्यक्त करती हैं।
 इस अवसर पर आयोजित सम्मान समारोह में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध कथा वाचक संत बाबा ज्ञानी इंद्रजीत सिंह को पंजाबी विरासत सेवी बापू गुरबचन सिंह खालसा पुरस्कार में स्मृति चिन्ह, सम्मान पत्र व लोई देकर सम्मानित किया गया।
 सम्मान पत्र संस्था के अध्यक्ष डॉक्टर नैब सिंह मंडेर ने प्रस्तुत करते हुए कहा की ज्ञानी इंद्रजीत सिंह ने 50 वर्ष से ज्यादा समय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कनाडा अमेरिका इंग्लैंड व भारत में कथावाचक के रूप गुरबाणी व गुरु इतिहास को जन-जन तक पहुंचाने के लिए बड़ी सेवा की है ।
सम्मान समारोह में अमनदीप सिंह कैनेडा ने डॉ नैब सिंह मंडेर की लघुकथाओं पर चर्चा करते हुए कहा कि मनुष्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न प्रकार की समस्याओं से जूझ रहा है उन समस्याओं की आंतरिक वेदना को बहुत ही सरल व लोग भाषा में गंभीर चिंतन के रूप में व्यक्त करती है ।
 समारोह के अंत में हैप्पी सिंह सेठी ने धन्यवाद के शब्द व्यक्त किया । इस अवसर पर थानेदार शेर सिंह खोखर, सुखदेव सिंह सिद्धू,परमजीत सिंह जेसीबी, मनी सिंह, बेअंत कौर मंडेर, माता बलदेव कौर सहित लोक चेतना मंच के सदस्य व गणमान्य  व्यक्ति मौजूद थे।