होशियारपुर:- बहुजन समाज पार्टी द्वारा प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व राज्यसभा सदस्य डॉ. अवतार सिंह करीमपुरी के नेतृत्व में पटियाला में 2600 अप्रेंटिसशिप की मांग को लेकर शांतिपूर्ण रोष प्रदर्शन कर रहे बेरोजगार युवाओं पर पुलिस द्वारा किए गए अंधे तशद्दुद और पशुओं की तरह लाठियों से की गई बेरहम पिटाई के विरोध में आज डिप्टी कमिश्नर कार्यालय होशियारपुर में रोष प्रदर्शन किया गया और पंजाब के राज्यपाल के नाम मांग पत्र भेजा गया।
एकत्रित भीड़ को संबोधित करते हुए डॉ. करीमपुरी ने पंजाब की वर्तमान और पुरानी सरकारों पर गंभीर आरोप लगाए। विभिन्न सरकारों के कार्यकाल के दौरान अपने हकों, पक्की भर्ती और रोजगार की मांग कर रहे बेरोजगार युवाओं (ईटीटी, बीएड टेट पास अध्यापक, लाइनमैन और स्वास्थ्य कर्मियों) पर हुए वहशीाना लाठीचार्ज की तारीखों और वर्षों का कच्चा-चिट्ठा सार्वजनिक करते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब के पिछले दो दशकों का इतिहास गवाह है कि सरकार चाहे अकाली-भाजपा गठबंधन की रही हो, कांग्रेस की या फिर वर्तमान आम आदमी पार्टी की, सूबे की जवानी की आवाज को दबाने के लिए हर दौर के शासकों ने सिर्फ लाठीचार्ज, वाटर कैनन और पुलिसिया जबर का ही सहारा लिया है।
सरकारों के बेरहम चेहरे को बेनकाब करते हुए डॉ. करीमपुरी ने आंकड़े पेश किए और बताया कि वर्तमान आम आदमी पार्टी (आप) सरकार द्वारा 2022 से अब तक, कुछ दिन पहले ही 04 जून 2026 (पटियाला) को पावरकॉम के मुख्य दफ्तर के आगे पक्की भर्ती की मांग कर रहे 2600 अप्रेंटिस लाइनमैनों पर मान सरकार की पुलिस ने तीखा लाठीचार्ज करके कई युवाओं के सिर फोड़ दिए। इसके विरोध में और लाठीचार्ज करने वालों को तुरंत बर्खास्त करने के लिए बसपा द्वारा पूरे पंजाब में रोष मुजाहिरे किए जा रहे हैं।
उन्होंने 07 जनवरी 2025 (संगरूर) को मुख्यमंत्री की रिहायश की ओर बढ़ रहे ईटीटी बेरोजगार अध्यापकों, 15 दिसंबर 2023 (संगरूर) को सांझे बेरोजगार मोर्चे के युवाओं पर किए गए बल प्रयोग, और 13 जुलाई 2022 (संगरूर) को बदलाव के नाम पर आई सरकार द्वारा बीएड टेट पास बेरोजगार अध्यापकों और महिला प्रदर्शनकारियों को बाल पकड़कर घसीटने की घटनाओं का जिक्र किया। डॉ. करीमपुरी ने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल (2017-2022) के दौरान 05 दिसंबर 2021 (पटियाला) को चरणजीत सिंह चन्नी के मुख्यमंत्री काल में बेरोजगारों पर पुलिस इस कदर टूटी कि युवाओं को नहर में छलांग लगानी पड़ी। 23 जून 2021, 27 फरवरी 2020 और 18 दिसंबर 2019 (पटियाला) को कैप्टन अमरिंदर सिंह के 'घर-घर रोजगार' के झूठे वादों के खिलाफ मोती महल की ओर बढ़ रहे अध्यापकों पर वाई.पी.एस. चौक पर लाठियां बरसाई गईं।
करीमपुरी ने शिरोमणि अकाली दल-भाजपा सरकार के समय (2007-2017) में 12 फरवरी 2016 और 05 मई 2015 (बठिंडा) को सुखबीर सिंह बादल के संगत दर्शन के दौरान रोजगार मांगने आए लाइनमैनों और महिला अध्यापिकाओं पर डंडों का इस्तेमाल करने, 09 दिसंबर 2011 (बठिंडा) को चुनावों से ठीक पहले ईटीटी पास बेरोजगारों पर पुलिसिया कहर ढहाने और 05 सितंबर 2009 को कपूरथला में शिक्षक दिवस के दिन हक मांग रहे बेरोजगारों को सड़कों पर कुचलने जैसी घटनाओं का विवरण दिया।
बसपा प्रदेश अध्यक्ष करीमपुरी ने कहा कि बसपा की "पंजाब संभालो मुहिम" का मुख्य मकसद इन पारंपरिक पार्टियों के दोगले चेहरे को जनता के सामने लाना है। उन्होंने कहा कि जो नेता वोटों के समय युवाओं को रोजगार देने की कसमें खाते हैं, वे सत्ता में आते ही युवाओं को जेलों और अस्पतालों में पहुंचा देते हैं। डॉ. करीमपुरी ने वर्तमान भगवंत मान सरकार को चेतावनी दी कि वह बेरोजगारों पर लाठीतंत्र बंद करके तुरंत पक्की भर्ती के नोटिफिकेशन जारी करे। बहुजन समाज पार्टी पंजाब के पीड़ित युवाओं और बेरोजगार यूनियनों के कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है और इस जबर के खिलाफ पूरे सूबे के अंदर आंदोलन को और तेज करेगी।