हरोली/ऊना, 18 अगस्त (राजवीर चोपड़ा):- श्री गुरु रविदास महाराज जी के 650वें प्रकाश पर्व को मुख्य रखते हुए संक्रांति के दिन ढंडारी कलां लुधियाना में कीर्तन दीवान सजाए गए। जिसमें तप अस्थान श्री खुरालगढ़ साहिब जी के मुख्य सेवादार बाबा केवल सिंह जी के जत्थे की ओर से संगतों को गुरबाणी कीर्तन द्वारा निहाल किया गया।
उन्होंने संगत को कीर्तन के माध्यम से बताया कि हमें श्री गुरु रविदास महाराज जी की बाणी और विचारधारा से जुड़कर 650वें प्रकाश पर्व को मनाने की पहल करनी होगी। उन्होंने बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाने, नशों से दूर रहने और आपसी भाईचारा बनाए रखने का संदेश दिया। इस समागम को करवाने में बाबा हरमेश सिंह मेषी जी का विशेष योगदान रहा।
इस मौके पर बाबा नरेश सिंह जी, भाई बलजिंदर सिंह, भाई दीपक सिंह, श्री गुरु रविदास प्रबंधक कमेटी ढंडारी कलां के एडवोकेट राम सिंह, मास्टर धर्मवीर सिंह, गुरमीत सिंह, हरविंदर सिंह, हरमीत सिंह मीत, लखवीर, केसर सिंह, जगतार सिंह फौजी, गुरदीप सिंह, मलकीत सिंह गोगी, हरजिंदर सिंह, रणजीत सिंह, जसपाल सिंह, सुरजीत सिंह, मेजर सिंह, जरनैल सिंह, बीबी शिंदी, बूटा सिंह, बाबा केहर दास जी कूकरां वाले गद्दी नशीन, ज्ञान सिंह प्रधान सहित अन्य उपस्थित थे।
श्री गुरु रविदास महाराज जी के 650वें प्रकाश पर्व को समर्पित ढंडारी कलां लुधियाना में कीर्तन दरबार सजाए गए
